मामला ग्राम पंचायत दरबा तहसील आरंग / मंदिर हसौद का है ,जहां शामिलात चारागाह की भूमि को भू- माफियाओ ने षड्यंत्र कर निजी भूमि रिकार्ड में दुरुस्त कराकर खरीदी बिक्री किये जाने की मामले को परमानंद जांगडे क्षेत्र के जागरूक पूर्व जिला पंचायत सदस्य रायपुर ने दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर शासन के संज्ञान में लाई है , जिसमे भूमि स्वामी का नाम मोती लाल ,मोहन,जीवन,पिता फंकट भुखुउ ,मनराखन पिता केदार बली ,पहरू ,लीलादास पिता नरसिंग दुकाला विधवा नरसिंग मेहत्तर पिता मुनी ,मकरू पिता अभय सिंग उदेराम पिता ताराचंद के नाम में राजस्व मिशल अभिलेख 1975 से 2002 -03 के राजस्व अभिलेख में पुराना ख.नं . 615 ,254,198,19 परिवर्तित नया खसरा नंबर 25,887,905 ,952 ,982 कुल रकबा लगभग 21.60 एकड़ समिलात चारागाह राजस्व अभिलेख में दर्ज थे , जो की उक्त चारागाह मद की दर्ज भूमि आज वर्तमान अभिलेख में फर्जी तरीके से खरीदी बिक्री के दरमियान खसरा नंबर (1) 952,रकबा 3.2900 खातेधारक सोसायटी आफ डिवाइन वर्ड द्वारा जोसेफटोपनो (2) खसरा नंबर 982/1 , रकबा 0.1600 खातेदारक – चन्द्रशेखर तारक ( 3 ) 982/02, 982/3 , रकबा 2.2300 ,0.4100 (4) 982/4, 982 /5 रकबा 0.4900 ,0.5300 लगभग 17.19 एकड़ मिस्टर ग्लास द्वारा भगीदार अमन सिंघ पिता अशोक अग्रवाल के नाम पर उक्त शमिलात चारागाह की भूमि निजी भूमि के रूप में दर्ज हो चुकी है , जबकि उक्त खातेधारक के नाम में उसी खाते की जमीन जिसका खसरा नंबर 25,887,905 कुल रकबा 1.66 हैक्टेयर 4.15 एकड़ अभी भी चारागाह मद में दर्ज है ,जो उक्त शासकीय भूमि को निजी भू-स्वामी मद में परिवर्तित करने के खेल का पुख्ता प्रमाण है ,उक्त जमीन के वारिसानगण जिसमे प्रेमलाल ढ़ीढ़ी , छोटउ राम ,प्यारेलाल ,राजू,राजेन्द्र संतोष नरेंद गनेशु ने भी शिकायत दर्ज कराई है , उन्होंने अपने ज्ञापन में लेख किया गया है की भू माफि�
शामिलात चारागाह जमीन को भू माफियाओ ने अवैध खरीदी बिक्री की मामला का पर्दाफास

