प्रमुख सचिव पुनः करेंगे 28 जिलों का दौरा सभी स्तर के अधिकारियों को सघन माॅनीटरिंग के निर्देश

कोरोना काल में शिक्षकों की मेहनत को कसौटी पर परखने का अवसर
अब अधिकारी बच्चों की पढ़ाई की मानीटरिंग के लिए दौरा शुरू करें।
प्रमुख सचिव पुनः करेंगे 28 जिलों का दौरा
सभी स्तर के अधिकारियों को सघन माॅनीटरिंग के निर्देश

रायपुर । 
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में आज राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया। आकलन तथा उपचारात्मक शिक्षण पर आधारित इस वेबिनार में एक लाख से अधिक शिक्षकों ने पंजीयन कराया था।  
स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों का अंतिम लक्ष्य आकलन नहीं, बल्कि उन बच्चों को उपचारात्मक शिक्षा प्रदान करना है, जो बुनियादी दक्षताओं पर पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने विस्तृत रूप से दैनिक जीवन से जुड़ें उदाहरण के माध्यम से शिक्षकों को सलाह दी की वे कैसे अपने आस-पास उपलब्ध सामग्री का भरपूर उपयोग करके पढ़ाई को रोचक तरीके से बच्चों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने सारे अधिकारियों को सीधे संवाद में कहा कि बच्चों को पढ़ना, लिखना व गणित के सवाल हल करना आना चाहिए। हमारा पूरा फोकस सीखने पर ही हो। हमें इसकी जांॅच मार्च तक पूर्ण कर लेना है। कोरोना काल में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रकार के प्रयासों को सराहा और उन्होंने अवगत कराया कि न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्ीय स्तर पर आपके द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना हो रही है तथा एमएचआरडी नीति आयोग व माननीय मुख्यमंत्री सहित प्रधानमंत्री जी ने भी तारीफ की। देश में शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य अलग-अलग रूपों में कराया जा रहा है। अब जाॅचने की प्रक्रिया के पश्चात उपचारात्मक शिक्षण भी कमजोर बच्चों के लिए आवश्यक हो जाता है। प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला ने कहा कि वे अब पुनः 28 जिलों का स्वयं दौरा करेंगे। उन्होंने राज्य स्तर, जिला, ब्लाॅक व संकुल स्तरीय अधिकारियों को सघन मानीटरिंग के निर्देश दिए। 
समग्र शिक्षा के मिशन संचालक एवं संचालक लोक शिक्षण श्री जितेन्द्र शुक्ला  ने बच्चों के स्तर तक सोच कर कार्य करने व सरल रूप से समझाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों में मूलभूत बुनियादी दक्षता होती है, वह बच्चें समझ सके। साथ ही अब चिंतन करने की आवश्यकता इस बात पर है कि हम बच्चों को नए शिक्षा सत्र में किस प्रकार से आगे की कक्षाओं में जोडेंगे कि उनको उस कक्षा के अनुरूप लर्निंग आउटकम प्राप्त हो सके । 
इस कार्यक्रम में एससीईआरटी के संचालक डी राहुल वेंकट उपचारात्मक शिक्षण पर विस्तृत दिशा निर्देश राज्य के शिक्षकों को दिए। कोविड-19 जैसे विषम परिस्थिति में सभी शिक्षकों के सफलतापूर्वक उपलब्धि एवं प्रयास की सराहना की। एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक योगेश शिवहरे ने आकलन की प्रक्रिया का आशय और इसकी उपयोगिता के आधार पर कार्य करे साथ ही आकलन की प्रक्रिया में मानीटरिंग भी होते रहे। ‘इतना तो मेरे बच्चे कर ही सकते हैं’ अभियान की जानकारी दी।
इस अवसर पर समग्र शिक्षा के असिस्टेंट डायरेक्टर एम. सुधीश ने कहा कि बच्चों के आकलन सही सही किया जाए ताकि वस्तुस्थिति का पता चल सके । संकुल समन्वयकों को अकादमिक मानीटरिंग कर शिक्षकों को आवश्यक सहयोग दिया जाए तथा शालाओं में उपलब्ध अभ्यास सामग्रियों का भी भरपुर उपयोग किया जाए। 
प्रमुख सचिव के अगुवाई में हुई इस वेबिनार में समग्र शिक्षा से डॉ एम. सुधीश, वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार सत्यराज अय्यर, एनआईसी से अजय वर्मा, एवं एससीईआरटी से विषय विशेषज्ञ श्री पी.आर.साहू, श्रीमती विद्या डाँगे एवं ए.के. सारस्वत भी उपस्थित रहें।

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