विभिन्न संगठनों के द्वारा संयुक्त रूप से देशव्यापी बंद का समर्थन कर सौंपा ज्ञापन –


08-12-20

विभिन्न संगठनों के द्वारा संयुक्त रूप से देशव्यापी बंद का समर्थन कर सौंपा ज्ञापन –

*धमतरी: केंद्र सरकार द्वारा लाए कृषि कानून के विरोध में देश भर के किसान संगठन आंदोलन पर है । देश के अलग अलग राज्यों से किसान और किसान संगठन इस तीनों कृषि कानून का विरोध करते हुए काले कानून को वापस लेने की मांग के साथ ही किसानों को उसके फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए लीगल राईट देने की मांग कर रहे हैं जिससे से घबरा कर सरकार ने किसान संगठन से बातचीत करने कई दौर की बैठक की, लेकिन यह बैठक नाकाम रही । जिसके पश्चात किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है । किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए पअधिवक्ता शत्रुहन साहू राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच के संजय चंद्राकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा से प्रेम साहू, बहुजन क्रांति मोर्चा से टिकेश्वर साहू, भारत मुक्ति मोर्चा से किसन चांद आदिवासी नेता बहुर सिंह मरकाम एवं प्राकृतिक न्याय समिति के सतवंत महीलांग, निशांत भट्ट ने संयुक्त रूप से बंद को समर्थन देते हुए पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम पर श्रीमान कलेक्टर महोदय को सौंपा कर संयुक्त रूप से कहा कि पूरे देश के किसान एकजुट है वह अपना भला बुरा जानती है, इसलिए वे इस कानून का कड़ा विरोध कर रहे है , बावजूद इसके सरकार यह कह रही है कि हम किसानों की भलाई के लिए यह कानून लाये हैं । यह कैसी सरकार है जबकि इस बिल में जो कानून बनाये गए है वो प्रत्यक्ष रूप से किसानों के हित में नही है बल्कि कॉरपोरेट जगत के लिए लाभकारी हैं ।

तीनो नए कानून केवल उद्योगपतियों को फायदा पहुचाने के लिए है । पूंजीपतियों को जमाखोरी करने का लाइसेंस मिल जाएगा । वर्तमान में जमाखोरी को लेकर कड़े कानून बनाये गए, उसके बावजूद लोग जमाखोरी करके आवश्यक वस्तुओं के रेट में भारी बढ़ोतरी कर अपना मुनाफा कमाते है लेकिन अब तो सरकार उन्हें लाइसेंस दे रही है जिससे देश का किसान एवम् आम आदमी घबरा गया है इस काले कानून का हम विरोध करते है हम सरकार द्वारा लाये गए काले कानून को वापस लेने की मांग करते हुए किसानों के देशव्यापी बंद का समर्थन करते है।

विनीत
राष्ट्रीय किसान मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच, प्राकृतिक न्याय समिति, जिला धमतरी

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