मछुआ समुदाय को दिग्भ्रमित करने वाले बीजेपी के दलालों से सावधान
राजकुमार निषाद जोकि अपने आप को निषाद पार्टी का संयोजक बताते हैं जो आज मरवाही उपचुनाव को केंद्रित कर अपनी चुनावी लाभ के लिए छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ जो 20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं उस पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर या चुनाव में भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं उसमें शांति कुमार केवट को मछुआ महासंघ के संगठन मंत्री के रूप में शामिल कर संयुक्त रुप से मछुआ समाज को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं जबकि विगत मछुआ महासंघ के आंदोलन प्रदर्शन धरना में इनका योगदान नगण्य रहा है जो अपने आपको आज मछुआ समाज का हितेषी बता रहा है इससे मछुआ समाज भ्रमित ना हो ऐसे लोगों से सावधान रहें छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में मछुआ समुदाय के प्रथम विधायक कुंवर सिंह निषाद 2 फरवरी 2020 को विधानसभा में अशासकीय संकल्प के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया था उसी तरह मछुआ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एम आर निषाद द्वारा उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जलाशय तालाबों का निरीक्षण कर समाज जनों से सुझाव लेकर मछली नीति निर्माण हेतु अपनी संपूर्ण जानकारी पांच बैठक लेकर सुझाव लेकर अपना प्रतिवेदन शासन को सौंप चुकी है 15 साल संघर्ष का ही प्रतिफल है जो आज मछुआरों के हित में कार्य हो रहा है जो बहुत जल्द जमीनी स्तर पर नजर आएगी

