रायपुर24 अक्टूबर । 89 बैच के आईपीएस अशोक जुनेजा प्रदेश पुलिस के नए मुखिया हो सकते हैं। अशोक जुनेजा को नया डीजीपी बनाने के लिए सरकार को तीन सीनियर आईपीएस को ओवरलुक करना पड़ेगा। सरकार अशोक जुनेजा को पुलिस महकमे की कमान दे सकती है। वैसे, डीजीपी डीएम अवस्थी का पौने दो साल हो गया है। उन्होंने 19 दिसंबर 2018 को पुलिस महकमे की कमान संभाले थी। सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार सरकार डीजीपी को दो साल से पहले नहीं हटा सकती। छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम में प्रावधान है कि सरकार जब चाहे डीजी बदल सकती है। अब यह देखना है कि सरकार दिसंबर मे दो साल पूरा होने का वेट करेगी या अभी कुछ दिनों में कोई बड़ा फैसला लेगी। डीजीपी अवस्थी के रिटायरमेंट में अभी करीब पौने तीन साल शेष है। 2023 तक। याने अभी लंबा समय है। उनके रिटायर होते तक प्रदेश के लगभग सभी सीनियर आईपीएस रिटायर हो जाएंगे। 2021 में आरके विज और लांग कुमेर रिटायर होंगे। फिर 2022 में मुकेश गुप्ता। इसके बाद 2023 में संजय पिल्ले, अशोक जुनेजा और डीएम अवस्थी। लेकिन, सरकार अब पुलिस के इस शीर्ष पद पर परिवर्तन करना चाहती है। वैसे भी महत्वपूर्ण यह है। सरकार के पास 86 बैच के आईपीएस डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाने के सिवाय कोई रास्ता नहीं था। विकल्प का भी अभाव था। अशोक जुनेजा 89 बैच के आईपीएस हैं। वे रायगढ़ में एडिशनल एसपी रहे। बिलासपुर में एसपी। दुर्ग और रायपुर में एसएसपी। फिर बिलासपुर और दुर्ग के आईजी भी रहे। वे करीब तीन साल तक खुफिया चीफ रहे। पुलिस विभाग और पुलिस विभाग से संबंधित जो-जो पोस्टिंग होती है, लगभग सारी पोस्टिंग वे कर चुके हैं। मंत्रालय में गृह सचिव भी रहे। डायरेक्टर स्पोर्ट्स भी। ट्रांसपोर्ट में एडिशनल कमिश्नर भी रहे। पुलिस मुख्यालय में खुफिया के साथ सशस्त्र बल, प्रशासन, ट्रेनिंग विभाग संभाल चुके हैं। एक बचा था नक्सल ऑपरेशन। सरकार ने ये पोस्ट भी दे दिया। अभी वे डीजी नक्सल हैं। इसके अलावा जुनेजा सेंट्रल डेपुटेशन भी किए हैं। दो साल तक वे दिल्ली में नारकोटिक्स में रहे। उसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स के सिक्युरिटी प्रमुख का दायित्व भी संभाला। डीजी अशोक जुनेजा का पुलिस प्रमुख बनने के लिए पलड़ा इसलिए भी भारी है कि सरकार से उनकी नजदीकियां और विश्वास अपेक्षाकृत ज्यादा है। जुनेजा के प्रेस और सभी पार्टियों के नेताओ से भी सम्बन्ध अच्छे हैं। जुनेजा चीफ सिकरेट्री आरपी मंडल के साथ उनके अच्छी ट्यूनिंग हैं। चीफ सिकरेट्री भी चाहेंगे कि उनके रहते जुनेजा को एक बार पुलिस प्रमुख बनने का मौका मिल जाए। जुनेजा के डीजीपी बनाने के लिए डीएम अवस्थी को तो हटाना पड़ेगा ही, 88 बैच के तीनों आईपीएस संजय पिल्ले, आरके विज और मुकेश गुप्ता की सीनियरिटी को नजरअंदाज करना पड़ेगा। जुनेजा की पोस्टिंग करने से पहले सरकार को डीएम अवस्थी, संजय पिल्ले, आरके विज को एडजस्ट करना होगा। जाहिर सी बात है, जुनेजा के डीजीपी बनने के बाद इन चारों को पुलिस मुख्यालय से बाहर होना पड़ेगा। संजय पिल्ले तो अभी पीएचक्यू से बाहर जेल और होमगार्ड के डीजी हैं। बचे डीएम अवस्थी और आरके विज। उनकी पोस्टिंग भी सरकार को करनी होगी।
छत्तीसगढ़ के अगले डीजीपी अशोक जुनेजा बनाये जा सकते है

