💥आरटीई मैं दाखिला होने पर भी 6 महीने से भटक रहा नेत्रहीन पिता💥 सजनू 💥
💥गरीब हो तो नहीं लेकिन आमिर के बच्चे को दस्तावेज कम होने पर भी शिक्षा का अधिकार
💥शिक्षा विभाग 💥
💥चॉइस सेंटर की गलती का खामियाजा भुगत रहा नेत्रहीन पिता और परिवार💥
शिक्षा के अधिकार आरटीआई के तहत में त्रिमूर्ति नगर रायपुर निवासी सजनू अपने बच्चे डमरु महार का चॉइस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरा जिसमें चॉइस सेंटर वालों ने डमरू नाम की जगह दमबारू कर दिया नेत्रहीन पिता को पता भी नहीं गलती सिर्फ वह देख नहीं सकता घर में कोई दूसरा भी नहीं जिसकी जांच हो कर पाता उस भरोसे पर वह पिता बैठा रहा सब काम अच्छे से भरा होगा चॉइस सेंटर वाले ने डीपीआई के द्वारा लॉटरी होने पर उस बच्चे की किस्मत चमकी और उन्हें ऑनलाइन लॉटरी में स्थान मिला मगर स्कूल वालों ने कागज तराशने मैं उस समय तो आवेदन को अप्रूव्ड के यस कर दिया मगर जब दाखिला होने के बाद नेत्रहीन पिता वहां के नोडल अधिकारी और प्राइवेट स्कूल वालों ने पहले नेत्रहीन का मजाक उड़ाया और दाखिला देने से इंकार कर दिया पिताजी गिडगिडाता रहा पूछने पर दस्तावेज में त्रुटि का बहाना बताया और सुधार कर लाने को कहा नेत्रहीन पिता दो-तीन महीने परिश्रम और भागदौड़ किया और दस्तावेज में सुधार भी करवाया और पिता सजनू ने शपथ पत्र में लिख कर दिया कि जो भी भूल हुई है उसके लिए मैं शपथ पत्र देता हूं मेरे बच्चे को एडमिशन दे दीजिए साहब मैं गरीब आरक्षित वर्ग से आता हूं मेरी जिंदगी तो बर्बाद हो गई मेरे बच्चे का भविष्य बना दीजिए नोडल अधिकारी और स्कूल संचालक को जरा भी तरस नहीं आया उस नेत्रहीन पिता सजनू पर यह बात सामाजिक नेता संजय सोनी को पता चली और उन्होंने पालक संघ के जिलाध्यक्ष आशीष को सूचना दी और पालक संघ ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया और आशीष उनके घर पहुंच जानकारी प्राप्त की और शिक्षा विभाग से सीधा संपर्क किया और 2 दिन का समय दिया है शिक्षा विभाग को नहीं तो रोड पर उग्र प्रदर्शन करेंगे 🙏🌸🌺👈
🌺🌸🙏आशीष तांडी🙏🌸🌺
छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ

