आईसीएमआर (Indian Council of Medical Research) ने छत्तीसगढ़ के दस जिलों में संपन्न सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट जारी कर दी है। सर्विलेंस में प्रदेश के 5.56 प्रतिशत लोगों के शरीर में कोरोना संक्रमण के विरुद्ध लड़ने वाले एंटीबॉडीज की मौजूदगी पाई गई है। आईसीएमआर की टीम द्वारा सीरो सर्विलेंस के लिए 10 जिलों से कुल 5083 सैंपल संकलित किए गए थे। इनमें से 283 सैंपलों में एंटीबॉडीज मिली हैं। इनमें आम लोगों के 97 और उच्च जोखिम समूह के 186 सैंपल शामिल हैं।
सीरो सर्विलेंस के लिए हर जिले से आम नागरिकों के औसतन 240 और उच्च जोखिम वर्गों से 260 सैंपल लिए गए थे। आईसीएमआर, नई दिल्ली और आरएमआरसी (Regional Medical Research Centre), भुबनेश्वर द्वारा राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से 10 जिलों के 20 विकासखंडों के 60 क्लस्टर्स में सीरो सर्विलेंस के लिए सैंपल संकलित किए गए थे। सर्विलेंस के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से सैंपल लिए गए थे।
सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के 13.06 प्रतिशत, राजनांदगांव के 3.75 प्रतिशत, दुर्ग के 8.61 प्रतिशत, बिलासपुर के 7.2 प्रतिशत, जशपुर के 1.51 प्रतिशत, बलौदाबाजार-भाटापारा के 5.57 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज के 1.74 प्रतिशत, कोरबा के 2.79 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा के 8.2 प्रतिशत और मुंगेली के 3.64 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पाई गई हैं।

