शुक्रवार 25 सितंबर की देर शाम सनातन धर्म का चमकता हुआ सितारा अस्त हो गया। वह लगभग 1 महीने से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज होशियारपुर के शुभम हॉस्पिटल में चल रहा था शुक्रवार को अचानक उन तबीयत खराब हो गई और वहां अस्पताल पहुंचने से पहले स्वर्ग सिधार गए
गगरेट के विद्वान एवं ज्योतिष शास्त्र के स्थापित ज्ञाता पंडित विजय कुमार शांडिल (शामू) जी अपनी विद्वता से कर्मकांड इतने निपुण थे कि यदि कभी ज्योतिष एवं कर्मकांड के बारे में कोई वाद विवाद या टकराव होता था तब एक सफल निर्णायक के रूप में अपनी बात तथ्यों के साथ रखकर लोगों की जिज्ञासा को शांत करते थे और हर धार्मिक कार्य में सहयोग देकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार ज्योतिष के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निवारण करते आए हैं इसी दौरान गगरेट कस्बे के साथ साथ जिले एवं आसपास के जिले तथा कई बार पंजाब हरियाणा प्रांत में जाकर लोगों के बिगड़े हुए कार्य अपने कर्मकांड और ज्योतिष के माध्यम से करने के लिए याद किए जाते रहेंगे। उनके तर्क में प्रमाणिकता एक अछ्वुत कला थी। धार्मिक निष्ठा, धार्मिक कृत्य एवं धर्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान ही इनका परिचय हुआ करता था। वैदिक पूजा, अनुष्ठान इत्यादि में अपने कर्म में कभी विचलित नहीं होते थे। इनके धार्मिक कार्य एवं पूजा पद्धति अनंत काल तक इनकी याद को जीवंत रखेगा। उनके निधन से जो मेरी व्यक्तिगत हानि हुई है उसकी मैं व्याख्या भी नहीं कर सकता क्योंकि हर कार्य उनसे ही पूछ कर करता था क्योंकि वह बहुत ही गुणों से संपन्न व्यक्तित्व के मालिक उनसे मैं हर कार्य करने से पूर्व परामर्श करता था बड़े भाई पंडित विजय कुमार शामू जी का जीवन एक खुली किताब और मैं आशा करता हूं कि उनके दिखाएं भी रास्ते पर चलने का प्रयत्न करूंगा थी मैं परम पिता परमेश्वर से यही विनती करूंगा कि परमेश्वर उनको अपने चरणों में स्थान दे और उनके अनुयायियों और परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।
“”” होनी को कौन टाल सकता है , ईश्वर की इच्छा के सामने इंसान बेबस होता है , मेरे बड़े भाई पंडित विजय कुमार शांडिल (शामू)जी की आत्मा को शांति मिले , ओम शांति शांति ओम”””””
देवीलाल शांडिल

