श्रीकृष्ण जी के शांत, धैर्य, साधारण, हार न मानना, मित्रता निभाना, माता-पिता का आदर पाँच मंत्रो का हमेशा पालन किया सत्यनारायण शर्मा
सत्यनारायण शर्मा
ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की समस्त प्रदेश वासियों को बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। जन्माष्टमी पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। मगर इस बार कोरोना वायरस के कारण यह पर्व अपने घरों में ही मनाना होगा।
सत्यनारायण शर्मा ने कहा मैने अपने जीवन में श्री कृष्ण के उपदेश और पांच मंत्र – पहला, शान्त और धैर्य स्वभाव रखकर काम करना। दूसरा मंत्र, साधारण जीवन। तीसरा मंत्र, कभी हार न मानना। चौथा मंत्र, दोस्ती निभाना। पांचवा मंत्र, माता-पिता का हमेशा आदर करना इसे सदैव आत्मसात किया है।
श्री कृष्ण युगों-युगों से हमारी आस्था के केंद्र रहे हैं।

