व्यापार: CAIT ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेज किया आग्रह, बॉर्डर क्षेत्र के निर्माण परियोजनाओं में चीनी मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए

व्यापार: CAIT ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेज किया आग्रह, बॉर्डर क्षेत्र के निर्माण परियोजनाओं में चीनी मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए

रायपुर,कुणाल राठी,17 जुलाई 2020।कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि चीनी सामान के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को एक पत्र भेजकर आग्रह किया है की बॉर्डर सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों मे हो रहे निर्माण कार्यों में चीनी निर्माण मशीनरी का उपयोग न करने का आग्रह किया हैं क्योंकि इन अधिकांश मशीनों में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (प्व्ज्) डिवाइस लगे होते हैं जो चीन में कंपनी के मालिकों के लिए संवेदनशील जानकारी प्रसारित करने में सक्षम हैं।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने श्री राजनाथ सिंह को भेजे पत्र में यह महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों, सुरक्षा संवेदनशील क्षेत्रों, राजमार्गों, तथा इन्फ्रस्ट्रक्चर के अन्य प्रोजेक्ट में चीन द्वारा आपूर्ति की जाने वाली विभिन्न मशीनों और इसके स्पेयर पार्ट्स विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं में इस्तेमाल हो रहे हैं । कई मामलों में ऐसी निर्माण कार्य करने वाली कंपनियां चीनी मशीनों का उपयोग कर रही हैं, जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों के साथ स्थापित हैं और जो वास्तविक समय में कार्ट करने के स्थान सहित अन्य मशीन ऑपरेटिंग मापदंडों को कहीं भी प्रसारित करने की क्षमता रखते हैं ।
श्री पारवानी ने कहा कि अगर ऐसी मशीनों का उपयोग सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर सीमावर्ती क्षेत्रों या किसी अन्य संवेदनशील क्षेत्र में किया जाता है जो रक्षा के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है, तो मशीन के द्वारा सभी डेटा उनके स्थानों, परिचालन घंटों और अन्य सामरिक विवरण चीन में स्थित चीनी कंपनियों के मालिक के स्वामित्व वाले सर्वरों को प्रेषित किए जा सकते हैं।

श्री पारवानी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार दो प्रमुख कंपनियों ै।छल् चीन की स्वामित्व वाली पुटमिस्टर हैं और ग्ब्डळ चीन की स्वामित्व वाली श्वेत स्टीटर इंडिया, है जो इस तरह की विभिन्न परियोजनाओं में शामिल हैं। उनकी मशीनें विधिवत आईओटी उपकरणों से लैस हैं और इन मशीनों द्वारा अर्जित डेटा का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। हो सकता है कुछ अन्य कंपनियां भी सीमावर्ती क्षेत्रों, राजमार्गों, बुनियादी ढांचे में अपने संबंधित निर्माण गतिविधियों में इसी तरह के उपकरणों का उपयोग कर रही हों। ऐसी सभी कम्पनियों की शिनाख्त करते हुए उनके काम करने पर तुरंत रोक लगाया जाना जरूरी है।

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