छत्तीसगढ़ के कोई भी जिले को गरीब कल्याण योजना में शामिल नही किये जाने पर लक्ष्मण पटेल जिला पंचायत उपाध्यक्ष महासमुंद ने केंद्र की भाजपा सरकार की कड़े शब्दों में निंदा किया।
केंद्र सरकार आज 20 जून को प्रवासी मजदूरों के लिए ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ बिहार में लॉन्च करने जा रही है, जिसमें 6 राज्यों के 116 जिले शामिल हैं. इन जिलों में छत्तीसगढ़ का एक भी जिला शामिल नही किये जाने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लक्ष्मण पटेल जिला पंचायत उपाध्यक्ष महासमुंद ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आलोचना किया साथ ही प्रवासी मजदूरो के लिए चिन्ता जाहिर करते हुए छत्तीसगढ़ के लिए निराशाजनक घोसणा कहा। छत्तीसगढ़ में तीन लाख प्रवासी मजदूर कोरोना संकट काल मे छत्तीसगढ़ पहुचे है लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ से एक भी जिला इस अभियान के लिए नहीं चुना गया है, और.छत्तीसगढ़ को जगह नहीं मिलना बेहद ही निराशाजनक’ है
लक्ष्मण पटेल जिला पंचायत उपाध्यक्ष महासमुंद ने कहा कि केंद्र में छत्तीसगढ़ से, 11 लोकसभा में से 9 सांसद भाजपा से चुने जाने के बाद भी छतीसगढ के एक भी जिला नहीं चुना गया है। आखिर भाजपा के सांसद केंद्र सरकार के भेदभाव पर चुप क्यों है इसमें प्रवासी मजदूर भाई का क्या कसूर जो उनके लिए गरीब कल्याण योजना केंद्र की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को नही दिया मजदूर अपनी जीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसके बावजूद भी भारत सरकार की इस योजना का एक पैसे का लाभ छत्तीसगढ़ को नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
लक्ष्मण पटेल जिला पंचायत उपाध्यक्ष महासमुंद ने गरीब कल्याण योजना को छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले को शामिल नही किये जाने की केंद्र की भाजपा सरकार की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार होने के कारण भेदभाव कर रही है जिसे लोकतंत्र की हत्या जैसे करतूत बताया। जबकि कांग्रेस यूपीए सरकार के समय छतीसगढ में भाजपा काबिज होंने के बाद भी भेदभाव नही किया और केंद्र की यूपीए सरकार हरसंभव मदत छतीसगढ की सरकार को किया।
लक्ष्मण पटेल ने कहा कम से कम दो जिले जांजगीर बलौदाबाज़र जिले को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करना था क्योंकि इन्ही दो जिले में प्रवासी मजदूरो की संख्या बहुतायक है इन जिलों को भी केंद्र की भाजपा सरकार गरीब कल्याण रोजगार अभियान में शामिल नही किया है जो, छत्तीसगढ़ वाशियो के लिए दुर्भाग्य जनक है ।

