रायपुर/16 जून 2020 । चीनी हमले में जांबाज और बहादुर सेना अधिकारी और सैनिकों के मारे जाने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि चीनी सेना द्वारा लद्दाख में तीन स्थानों पर अप्रैल/मई, 2020 के बाद भारतीय सीमा में की गई घुसपैठ की खबरों ने पूरे देश में गंभीरचिंता व व्यग्रता पैदा कर दी, पर सीमा में घुसपैठ के तथाकथित चीनी दुस्साहस पर मोदी सरकार ने मौन साध लिया। कथित तौरसे ये घुसपैठ लद्दाख में गलवान नदी वैली, हाॅट स्प्रिंग्स और पैंगोंग सो झील के इलाके में हुई।
भारत की ‘सुरक्षा व क्षेत्रीय अखंडता’ से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
खबरों की मानें तो चीनी सेना के हजारोंसैनिकों ने गलवान वैली और पैंगोंग सो लेक एरिया (लद्दाख) में घुसपैठ कर हमारी ‘भूभागीय अखंडता’ पर अतिक्रमण का दुस्साहसकिया है।
पिछले पांच दशकों में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक भी दुर्घटना या हमारे सैनिक की शहादत भारत-चीन सीमा पर नहीं हुई है।गहरी चिंता व स्तब्ध करने वाली बात यह है कि आज दोपहर के बाद से, सभी समाचार चैनलों/समाचार पत्रों ने चीनी सेना द्वाराभारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों के मारे जाने की पूरी तरह से अप्रत्याशित और अस्वीकार्य खबर दी है। भारतीयसेना द्वारा 12.52 बजे कथित रूप से जारी एक बयान में हमारे अफसर व सैनिकों के वीरगति प्राप्त करने की पुष्टि की गई है (और बाद में1.08 बजे यह बयान संशोधित कर दिया गया)। प्रत्येक समाचार एजेंसी और समाचार चैनल द्वारा भारतीय सेना के इस बयान कोदिखाया जा रहा है। हमारे कुछ जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें भी आ रही हैं।
यदि यह सच है, तो चीनी सैनिकों के हाथ हमारे जांबाज और बहादुर अधिकारी और सैनिकों की शहादत की खबरें बहुत हीचौंकाने वाली, भयावह और पूर्णतया अस्वीकार्य हैं।
इन खबरों को सुन पूरा देश क्षुब्ध है, रोष में है, परंतु प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री, श्री राजनाथ सिंह ने पूरी तरह सेचुप्पी साध ली है।

