कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार अम्बानी आंदानी को फायदा पहुचाने ला रहे है बिजली संशोधन बिल।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने केंद्र सरकार की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए बिजली संशोधन एक्ट की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि अंदानी अम्बानी को फायदा पहुचाने मोदी सरकार बिजली एक्ट में संशोधन करना चाहती है जिसकी जितनी भी निंदा किया जाए कम है। बिजली एक्ट 2003 को संशोधन करके जो एक्ट 2020 में लाया गया है, यह किसानों-मजदूरों, शहरों तथा गांवों के लोगों के लिए खतरे की घंटी है। अगर यह लागू हो जाता है तो बिजली संबंधी राज्यों के हाथों में कुछ नहीं रहेगा तथा प्रत्यक्ष रूप में केन्द्र का नियंत्रण हो जाएगा। पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने आगे कहा कि केन्द्र इसे सीधे तौर पर प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने पर बिजली रेट खुद तय ना करके, वह अधिकार प्राइवेट कंपनियों को देने जा रहा है, जिससे किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों तथा दलितों, मजदूरों को मिलने वाली सुविधाएं एक ही झटके से छीन ली जाएंगी। यही नहीं उपभोक्ताओं को गिरफ्तार कर उन्हें सजा सुनाने का अधिकार भी निजी कंपनियों को मिल जाएगा। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि इस संशोधन से बिजली कर्मचारियों को 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लिया जाएगा। आम लोगो को जो सब्सिटी मिल रही थी वह अब नही मिलेगी, किसानों को सब्सिटी नही मिलेगी, क्योकि प्राइवेट बिजली कंपनियां अपने मर्जी से बिजली के रेट फिक्स करेंगे। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि देश का किसान, मजदूर पहले ही कर्जे के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर रहे हैं, परंतु केंद्र सरकार ने विशेष राहत पैकेज जारी करने की बजाये यह एक्ट लेकर किसानों पर बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस एक्ट को रद्द न किया बिजली संशोधन बिल को वापस नही लिया तो देश के किसान आम नागरिको का कड़ा विरोध केंद्र की मोदी सरकार को झेलने तैयार रहना पड़ेगा।

