भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर मोहन मरकाम की प्रतिक्रिया

रायपुर 01 जून 2020। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर मोहन मरकाम ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपत्तिकाल में गैरजिम्मेदाराना अव्यावहारिक और भारत के नागरिकों को हताश करने वाला बयानबाजी पेश कर रहे है। यदि अमित शाह की गहलफहमी है कि जनता ने कांग्रेस की न्याय योजना को नकार दिया है तो अमित शाह 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांकेर में मोदी जी ने अपने भाषण में सरकार बनने पर विदेशों में जमा कालाधन को देश मे लाकर 15-15 लाख रुपए आमजनता के खाता में जमा करने की बात की थीं। जिसको जनता ने स्वीकार किया था। शाह उस पर अमल करे? गरीब जनता के खातों में 15 लाख जमा कराये। मोदी सरकार 20 लाख करोड़ के लोन स्कीम पैकेज को देश की जनता ने नकार दिया है। विपत्ति काल में मोदी शाह साहूकार नहीं बल्कि एक मददगार की तरह बर्ताव करे। आपदाकाल में मध्यमवर्ग, छोटे व्यापारी, निजी नौकरी करने वाले, किसान, मजदूर, किसान, गृहणी छात्र सूक्ष्म लघु उद्यमी दिहाड़ी मजदूर पान ठेला चाय वाला सब्जी विक्रेता ट्रांसपोर्ट ऑटो चालक रिक्शा चालक मोदी सरकार से कर्ज नहीं सीधी वित्तीय मदद की आस लगाए बैठे है। आम जनता की उम्मीदों को न्याय योजना ही पूरी कर सकती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि हमारे देश का दुर्भाग्य है। गृह मंत्री जैसे जिम्मेदार पर पद पर बैठा व्यक्ति जिम्मेदारी पूर्वक नहीं बल्कि सतही राजनीतिक बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस नेताओं और कांग्रेस के जनहितैषी योजनाओं पर टीका टिपण्णी कर मोदी सरकार और उनके मंत्री जिम्मेदारियों से भाग रहे है। कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुई मनरेगा वैसे ही न्याय योजना भी विपत्तिकाल में कोरोना महामारी से लड़ाई में महत्ती एवँ कारगर योजना बनेगी।

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