जरूरी है चौथे स्तंभ की मजबूती पत्रकार सजग हो– प्रदेश कांग्रेस सचिव बंजारे।*छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे मीडिया बंधु को हिंदी पत्रकारिता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विश्व के लगभग कार्यपालिका विधायिका और न्यायपालिका के साथ मीडिया को भी शासन व्यवस्था का चौथा स्तंभ माना जाता है और मीडिया इन सभी को जोड़ने का कार्य करती है प्रेस की स्वतंत्रता के द्वारा ही जनमानस की भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रेस को हासिल होता है परंतु वर्तमान में पत्रकारों पर लगातार हमले और पत्रकारों को प्रताड़ित किए जाने के मामलों में बहुत अधिक वृद्धि हुई है आज वर्तमान मीडिया की बात करें तो सोशल मीडिया में ट्विटर ,फेसबुक, पोर्टल, ब्लॉग में भी पत्रकारिता सक्रिय दिखती है ।
“काँग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि महात्मा गांधी के अनुसार पत्रकारिता के तीन उद्देश्य हैं पहला जनता की इच्छाओं विचारों को समझना और उन्हें व्यक्त करना ।दूसरा जनता में माननीय भावनाएं जागृत करना और तीसरा सार्वजनिक दोषों को नष्ट करना है “
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार मिशन 2018 में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर पत्रकार सुरक्षा कानून की बात को लेकर सक्रिय रही पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए पहल भी शुरू हुई है।
आज 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस है इस दिन हिंदी पत्रकारों की पत्रकारिता और उनकी अभिव्यक्ति पर चर्चा हो न तो हिंदी पत्रकारिता दिवस अधूरा लगता है पत्रकारों की सुरक्षा हमेशा केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लिए एक चुनौती का विषय रहा है पत्रकार संगठन लंबे समय से इस तरह के कानून की मांग करते चले आ रहे हैं जब तक पत्रकार भयमुक्त नहीं होगा वह पत्रकारिता कैसे कर सकता है समाज में अच्छाई और बुराई होते हैं वह दोनों पहलुओं पर लिखता है पर उनकी पत्रकारिता पर उंगली उठती रहती है समय रहते पत्रकारों को सजग रहने की जरूरत है और पत्रकार अपनी स्वयं लक्ष्मणरेखा बनाएं मैं नहीं कहता कि पत्रकारिता का ह्रास नहीं हुआ है पत्रकारिता में भी बदलाव आए हैं पत्रकारिता के मूल धर्म को युवा वर्ग को बचाना होगा नई पीढ़ी को पत्रकारिता की सीख लेनी होगी तभी पत्रकारिता अपनी दशा दिशा तय कर पायेगी।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि 30 मई को इसलिए मानते है हम पत्रकारिता दिवस क्योकि हिंदी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र 30 मई 1826 में निकाला गया था। इसलिए इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता से एक साप्ताहिक समाचार पत्र के तौर पर शुरू किया था। इसके प्रकाशक और संपादक भी वे खुद थे। इस तरह हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले पंडित जुगल किशोर शुक्ल का हिंदी पत्रकारिता की जगत में विशेष सम्मान है।
जरूरी है चौथे स्तंभ की मजबूती पत्रकार सजग हो- प्रदेश कांग्रेस सचिव बंजारे।

