व्यथित है मन ईद की खुशियों के बीच
सभी भाइयों को ईद की मुबारकबाद।मैं व्यथित हूँ, आज ,इस विश्वव्यापी कोरोना के कहर से लगभग 45साल पुरानी परम्परा का आज निर्वहन नही कर पा रहा हु।इन सालों में कभी ऐसा नही हुवा कि मैं रायपुर की बड़ी ईदगाह में जाकर मुस्लिम भाइयों से गले लग ईद की मुबारकबाद दे खुशियां न मनाया होऊं।
यह पहला अवसर है जब मैं बड़ी ईदगाह में नही जा पा रहा,प्रशासनिक निर्देश ,स्वास्थ्य विभाग के निर्देष, हमारे नगर काजी साहब के निर्देश,तमाम उलेमाओं के निर्देश भी है,घर मे ही रह ईद की खुशियां मनाये।और इन परिस्थितियों में यह बात जायज भी है।
सभी मित्रों से आग्रह कि वे घर मे ही रह परिजनों के बीच खुशियां बातें,सबकी खैर पुरशती की दुवा करे।
अल्लाह ताला बहुत शीघ्र हमको इस कोरोना रूपी महामारी से निजात दिलाएगा,और हम सब फिर अगली ईद मिलजुलकर मनाएंगे।
फिर सभी को ईद की मुबारकबाद
आपका
खैरख्वाह
सत्यनारायण शर्मा

