कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा ताली,थाली के बाद अब पड़ने वाली है, गाली और कंगाली
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस तालाबंदी ने देश को भुखमरी और कंगाली की ओर धकेल दिया क्योंकि यह एक नंगा सच है जो देश भर की सड़कों, पटरियों और ट्रकों ,टैंकरों के भीतर से उघड़ उघड़ कर सामने आ रहा है। केंद्र सरकार ने अपने ऊटपटांग फ़ैसलों से देश के आम आदमी को परेशान ही किया है। ध्यान दीजिए कि जब 24 मार्च को अचानक केंद्र सरकार ने देश में तालाबंदी लगाई तो कहा गया कि घर में बंद हो जाओ।सरकार सबको जो जहां है वहां भोजन, रहने की जगह सब देगी? क्या हुआ सबके सामने है। दूसरी तालाबंदी में प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर अपील की कि जो जहां है वहां रहे तो योगी जी 300 बस भेजकर कोटा से छात्रों को ले आए। बिहार के एक बीजेपी विधायक अपनी बेटी को कोटा से लाने अपनी फॉरच्यूनर में पटना से कोटा पहुंच गए। आम आदमी अगर सड़क पर निकल जाए तो पुलिस मुर्गा भी बनाती है और डंडे भी बरसाती है लेकिन यही कानून वीआईपी लोगों के सामने लाचार नज़र आता है? देश यह सब देख रहा है और सड़क पर लाचारी में भटकते लोग इसे जीवन भर भूल नहीं पाएंगे। विडंबना देखिए कि सरकारों की विवेकहीनता और बेरुख़ी ने करोड़ों मेहनतकशों को भिखारी बना दिया है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता सिर्फ़ और सिर्फ़ यही होनी चाहिए कि इतने बड़े लॉक डाउन से कैसे निकला जाए। यहां सरकार से कुछ प्रश्न तो पूछे ही जाने चाहिए। अब जिसकी सरकार है,जो व्यवस्था का संचालन कर रहा है, प्रश्नों की जवाबदेही तो उसी की बनती है। पहला सवाल यह है कि मजदूरों को ट्रेन से घर भेजने का फ़ैसला पहली तालाबंदी के समय ही क्यों नहीं लिया गया? तब कोरोना के इतने मरीज़ भी नहीं थे। क्यों सरकार इन्हें बस से भेजने पर अड़ी रही? मजदूरों की ट्रेन टिकटों पर सरकार ने बार बार ग़लत जानकारी देकर गुमराह क्यों किया? दूसरा सवाल यह कि तीसरी तालाबंदी कैसे और कितनी करनी है इसका अधिकार राज्यों को क्यों नहीं दिया गया? आज जब राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री बैठक करने वाले थे, तब अचानक यात्री ट्रेन 12 मई से क्यों शुरू कर दी गई? इन ट्रेनों का किराया इतना ज़्यादा क्यों रखा गया जबकि अभी लोगों के पास पैसों का अभाव है? सरकार पहले बोलती रही कि जनरल डब्बों वाली गाड़ी पहले शुरू होगी, फ़िर अचानक एसी डब्बों वाली ट्रेन कैसे शुरू हो गई? जब तालाबंदी का तीसरा चरण 17 मई को ख़त्म हो रहा था तब 12 मई को ट्रेन चलाने की क्या हड़बड़ी थी? भारत योगगुरु और विश्वगुरु है तब योग से फेफड़ों की मजबूती और आयुर्वेद, होम्योपैथी से इम्यूनिटी बढ़ाने का अभियान लगातार क्यों नहीं चलाया गया? इस नाज़ुक वक़्त में पहले हिंदू मुस्लिम और अब देशभक्ति और पाकिस्तान का राग क्यों शुरू किया गया? कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे कहा कि जब देश में जान पर संकट पड़ा हो, नौकरियों पर तलवार लटक रही हो, कमाई ठप्प हो और लाखों लोग भूखे प्यासे सड़कों पर मारे मारे फिर रहे हों , पटरियों पर चल चलकर मर रहे हों उस समय आपको यह सब समझ कैसे नही आया याद रहे कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो ताली,थाली के बाद गाली और कंगाली का लंबा दौर शुरू हो जाएगा।
अब समय आ गया है जब आप हरदिन मास्क के रूप में नए डिज़ाइनर गमछे का प्रदर्शन छोड़ें और देश को वापस सामान्य बनाने और हमारी 200 लाख करोड़ की इकॉनोमी का कम से कम 10% आर्थिक पैकेज तत्काल घोषित करें।अब आपके पास उपाय और समय बचा नहीं है।

