न्यूज नेटवर्क मंदिर हसौद मोनेट संयंत्र के एच आर डिपार्टमेंट के विवादास्पद कर्मचारी प्रमोद सिंह के कारनानामा से मोनेट संयंत्र काफी सुर्खियों में है।
हाल ही कुछ दिनों पूर्व वृक्षारोपण के महा अभियान में शासन एवं कंपनी के मंशा एवं भरोसा के विरुद्ध फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया था।जिसमे शासन द्वारा निशुल्क पौधे से मोनेट संयंत्र प्रबंधन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग छत्तीसगढ़ शासन को चूना लगाने के मामले प्रकाश में आया जिसकी शिकायत मोनेट प्रबंधन के एमडी सहित कलेक्टर रायपुर तक पहुंच चुकी है फिर एक नया मामला प्रकाश में है की सरपंच ग्राम पंचायत कुरूद श्रीमती उषा सिन्हा को मोनेट प्रबंधन के कर्मचारी प्रमोद सिंह द्वारा कंपनी में रायपुर से आने वाले गैस के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच की अनुमति के नाम पर उनसे मोनेट संयंत्र में पीजीपी प्लांट निर्माण एवं गैस गोदाम के निर्माण के लिए उन्हें गुमराह कर धोखाधड़ी करके अनापत्ति प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर लिए जाने के को लेकर मामला प्रकाश में आया है मामले की जानकारी सरपंच को लगने पर उन्होंने उनसे धोखे से ली गई अनापत्ति प्रमाण पत्र को शुन्य एवं अमान्य घोषित करते हुए सीईओ मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड
एआईओएन एवं जेएसडब्ल्यू के नाम पत्र भेजकर सूचना प्रतिलिपि कलेक्टर रायपुर उपसंचालक कारखाना क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी रायपुर एवं जागरूक जनप्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानंद जांगड़े के नाम पत्र लिखकर शिकायत किया गया है शिकायत में सरपंच द्वारा लेख किया गया है कि पीजीपी प्लांट एवं गैस गोदाम अत्यंत ज्वलनशील गंद हीन स्वादहीन खतरनाक प्लांट है जो ग्राम पंचायत कुरूद के निवासियों एवं मोनेट कंपनी के कार्यरत मजदूरों श्रमिकों के हित में उचित नहीं है उक्त प्लांट के लगाए जाने से हमारी गॉव की सुरक्षा खतरे में होगी। जिसको ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत कुरूद निर्माण पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए शासन को अपनी इच्छा व्यक्त करा दी है
मोनेट सयंत्र के एच आर डिपार्टमेंट के कर्मचारी प्रमोद सिंह का पौधे घोटाला के बाद सरपंच कुरूद के साथ की धोखाधड़ी सरपंच ने की शिकायत?

