Afroj Khwaja: महासमुंद. यहां की प्रकृति पर बाहरी लोगों की लूट मची है. लेकिन संबधित विभाग मौन है। चिंता का विषय यह है कि बिलासपुर कोर्ट ने तीन दिन पहले जिले में स्थित महानदी के अस्तित्व पर खतरा बताते हुए प्रशासन को अवैध रेत खनन पर रोकने निर्देश जारी किया है। लेकिन अवैध कारोबार रोकने अभी तक ठोस कदम नहीं उठाई गई है. बतादें कि बलौदाबाजार प्रशासन ने बीती रात अवैध कारोबारियों पर जबरदस्त कार्रवाई की है. यहां के भी प्रशासन से यही उम्मींद है.
यहां हो रही अवैध उत्खनन
महानदी किनारे मुडियाडीह, केडियाडीह, सेनकपाट, फडसा, मोहकम, गढ़सिवनी, बढ़गांव, बरबसपुर, घोडारी, चिंगरौद, बम्हनी, शेर, परसदा में शाम होते ही रेतV माफियाओं का कारोबार शुरू हो जाती है. इधर, इस समय माइनिंग विभाग के अफसर गहरी नींद में रहते हैं, यहां तक ग्रामीणों को इसकी सूचना भी देना है, तो विभाग से संपर्क नहीं हो पाता.

ग्रामीणों की माने तो एक अनुमानित रोजाना 2 हजार से भी अधिक ट्रकें इस अवैध रेत उत्खनन में शामिल है. वहीं मूरम और बोल्डर की एक भी खदानें लीज में नहीं है. लेकिन रोजाना यहां लाखों का अवैध कारोबार संचालित है. इस संबध में हमने माइनिंग विभाग के अफसर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया. अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है, कि ग्रामीणों की शिकायत पर अमल कैसे होगी? इधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि खनन क्षेत्र में सीसी टीवी लगाई जाएगी, लेकिन अभी तक इस पर पहल नहीं हुई है.

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