गरियाबंद :- जिले भर में दर्जन भर से अधिक प्रायवेट स्कूल संचालित है….. क्या इन प्रायवेट स्कूलों में जिस उम्मीद से बच्चो का एडमिशन कराया जाता है उस उम्मीद में खरा उतरती है । ठीक ऐसा ही मामला हमको सेंट जॉन्स इंग्लिश मीडियम स्कूल छूरा में देखने को मिला जहाँ पर बच्चों की परिवहन सुविधा में घोर लापरवाही बरती जाती है , उक्त संस्थान में कार्यरत कर्मचारि अपने आप को प्रिंसिपल बताते फिरते हैं जिससे लोग भृमित एवं गुमराह होते नजर आते हैं । क्या एक स्कूल का स्तर इतना निचली हो गयी है जिसमे कोई भी कार्यरत कर्मचारी अपने आप को प्रिंसिपल बतायेगा और लोगो को गुमराह करेगा । ये सब जानकारी हमको विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष शिशुपाल राजपूत से मिली औऱ उन्होंने ये भी कहा कि कहीं न कहीं प्राईवेट स्कूलों को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है क्योंकि हर गली कूचे में प्राईवेट स्कूल आप को देखने को मिल जायेंगे, व्यक्तियों को प्रसाद के रूप में स्कूल चलाने का लाइसेंस दे दिया जाता है न तो कमरों की जांच की जाती ओर न ही खेल मैदान या फिर समुचित व्यवस्था देखी जाती, वर्तमान समय में लोगों की मानसिकता इतनी संकीर्ण हो गई है कि लोग अपने अतीत के संस्कारों भूलते जा रहे है और पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित होकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में ही भेजना ज्यादा पसंद करते है यदि इस स्कूल में व्याप्त समस्याओं का हल नही निकाला गया तो स्कूल की मान्यता रद्द करवाने के लिए जल्द ही हमारे संगठन के द्वारा उचित कदम उठाया जायेगा।
सेंट जॉन्स स्कूल में व्याप्त समस्याओं का हो जल्द समाधानसमाधान का विकल्प नही तो मान्यता हो रद्द:- शिशुपाल राजपूत

