डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के मरच्यूरी विभाग द्वारा 1 दिन में 10 से ज़्यादा शव का पोस्टमार्टम नहीं करने का नियम लागू करने का छत्तीसगढ़ संगवारी संघर्ष समिति के अश्यक्ष राजकुमार राठी, कार्यकारी अध्यक्ष मंजुलमयंक श्रीवास्तव, महामंत्री सुब्रत घोष के नेतृत्व में अधीक्षक विवेक चौधरी के अनुपस्तिथि में सहायक अधीक्षक ए.पी. पड़रहा से भेंट कर उक्त नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की जिस पर पड़रहा ने वही से अधीक्षक विवेक चौधरी की राजकुमार राठी से चर्चा करवाई । श्री राठी ने श्री चौधरी से कहा कि पोस्टमार्टम व्यक्ति के आसमान मृत्यु के कारण होता है,और इस प्रकार का नियम लागू करने से उस परिवार की तकलीफ बढ़ जाएगी ,इसलिए जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाकर व्यक्ति के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सरल बनायी जाए जिस पर श्री चौधरी ने सहमति व्यक्त करते हुए इस नियम को तत्काल वापस लेने की बात कही प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से सर्वश्री अशोक गुप्ता ,किशोरचंद नायक ,नवीन गुप्ता, अशोक गोयल,समीर हरिवंश, शुभम यादव ,कौशिक सील,अरुण पोद्दार, असलम खान, मोहम्मद अली कुरैशी , ऋषभ ओगारे शामिल थे । श्री राठी ने उक्त नियम की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि ऐसा नियम मानवता के खिलाफ है, जिस परिवार में किसी व्यक्ति की असामान्य मृत्यु होती है उस परिवार की महिलाओं एवं बच्चों को सम्हालना घरवालों को मुश्किल हो जाता है और परिवार की ये कोशिश रहती है कि जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाकर व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया जाए परंतु इस प्रकार के नियम से ना केवल अंतिम संस्कार में विलंभ होगा,बल्कि परिवार को भी कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। श्री राठी ने कहा है कि नियम को पूर्व की तरह यथावत रखने में हिल हवाला हुआ तो संघर्ष समिति उग्र कदम उठाने हेतु बाध्य होगी।

