छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सकलेन कामदार ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल की भूमिका पर भी संदेह जताया।
सकलेन कामदार ने कहा की कमलनाथ सरकार अभी अल्पमत में नहीं है और अगर भाजपा को लगता है की सरकार अल्पमत में आ चुकी है तो वे कमलनाथ सरकार के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाए वही श्री कामदार ने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कमलनाथ ने स्वयं राज्यपाल से मिलकर कांग्रेस के 22 विधायक अगवा हुए विधायकों को भोपाल लाने के लिए कहा लेकिन राज्यपाल उनकी इन बातों को ध्यान ना देते हुए फ्लोर टेस्ट की मांग करते नजर आए क्या उन 22 परिवारों के प्रति राज्यपाल की चिंता नहीं बनती है क्या फ्लोरटेस्ट ज्यादा जरूरी हो गया उन 22 परिवार से,और अगर वह 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं तो भाजपा उन्हें कैद करके क्यों रखी है उन्हें सामने लाने से डर क्यों हैं या भाजपा उन पर दबाव बना रही है या उन्हें अगवा किया गया है वह खुद सामने आकर अपनी बात क्यों नहीं रख पा रही है यह सारी बातें सवालों को उत्पन्न करती है अगर उन 22 विधायकों ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है तो खुद सामने आकर सदन में यह बात को क्यों नहीं कहते खुद विधानसभा अध्यक्ष को अपने हाथों से इस्तीफा क्यों नहीं देते।

