आरक्षण मसले पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अनुसूचित जाति,जनजाति, पिछड़े वर्गों के साथ न्याय नही अन्याय है-राजेन्द्र पप्पू बंजारे *प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज रायपुर ग्रामीण के पूर्व जिलाध्यक्ष एवम प्रदेश प्रतिनिधि राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने अभी हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि OBC/SC/ST को नौकरी और प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार में नही आता है। आरक्षण देना या नही देना है यह राज्य शासन के निर्णय पर छोड़ दिया गया है। यह न्याय नहीं अन्याय का तकाज़ा है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से बहुसंख्यक SC+ST+OBC समाज को घोर आघात पहुंचा है तथा जनता में निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है। *सतनामी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र बंजारे ने आगे बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में हमारे वर्गो के पक्छ में ठीक से पैरवी नही करने के कारण ही हम लोगों को न्याय नही मिल पाया भाजपा आरएसएस पहले भी कई मौके पर खुले रूप से कह चुके है कि एससी, एसटी, ओबीसी वर्गो के आरक्छन को खत्म कर देना चाहिए।अनुसूचित जाति, जन जाती ओबीसी समाज से अपील करते है आओ आज संकल्प ले कि हम आरक्छन को कभी मिटने नही देंगे चाहे मोदी जी सपना देखे, चाहे मोहन भागवत सपना देखे। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वाराआमानवीय निर्णय को पुनःविचार करने के निवेदन हेतु दिनाँक 23 फरवरी 2020 को भारत बन्द का आह्वान किया गया है। इसी परिपेक्ष में सयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में राजीव गांधी चौक रायपुर में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा सतनामी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र बंजारे ने sc/st/obc समाज के लोगो से धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुचने की अपील की है।*
Afroj khwaja:-आरक्षण मसले पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अनुसूचित जाति,जनजाति, पिछड़े वर्गों के साथ न्याय नही अन्याय है-राजेन्द्र पप्पू बंजारे

