टेस्ट क्रिकेट छोटा किया तो गिरे जाएगा स्तर: स्टीव वॉ

हिंडोल बसु, बर्लिन
इन दिनों के साथ खूब छेड़छाड़ की जा रही है। खेल का रोमांच बढ़ाने के लिए पहले इसे परंपरागत दिन से हटाकर डे-नाइट किया गया और इसमें लाल गेंद की जगह गुलाबी बॉल का इस्तेमाल किया गया और अब आईसीसी इसे 5 दिन से घटाकर 4 दिन का करने पर विचार कर रही है। महान टेस्ट खिलाड़ी और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज कप्तान टेस्ट क्रिकेट के दिन कम करने के पक्ष में नहीं हैं। वॉ मानते हैं कि अगर ऐसा किया गया तो इस खेल का स्तर ही गिर जाएगा।

वॉ के मौके पर बर्लिन में मौजूद थे। इस मौके पर इस अवॉर्ड्स से इतर उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से खेल के कई मुद्दों पर चर्चा की। पेश हैं इस चर्चा के खास अंश…

वर्ल्ड पर आपकी क्या राय है?
यह बहुत अच्छी शुरुआत है। हम दशकों से टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर बात कर रहे थे। लेकिन इस पर काम करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि क्रिकेट के शेड्यूल 5 से 10 साल पहले तैयार हो जाते हैं।

…लेकिन जो पॉइंट्स सिस्टम हैं वह काफी अस्पष्ट हैं। आपको 120 पॉइंट्स मिलते हैं चाहे आप दो टेस्ट या फिर पांच टेस्ट की सीरीज खेल रहे हो।
मैं मानता हूं कि उन्होंने जितना संभव था उतना बेहतर काम किया। यहां दो सीरीज हैं और फिर एक एशेज जैसी सीरीज है, लेकिन खिलाड़ियों को शेड्यूल मालूम है। वे जानते हैं कि कितने पॉइंट्स ऑफर किए गए हैं। टीमें कैसे खेलें इससे ऐसा कुछ नहीं बदलता। अगर आप बेहतर हैं तो आप दो टॉप टीमों में होंगे और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में एंट्री कर लेंगे। जब तक कोई जीनियस (पॉइंट्स सिस्टम को लेकर) किसी तरह का इससे बेहतर हल लेकर नहीं आता, तब तक हमें इसी आधार पर बने रहना होगा।

क्या आपको चार दिन के टेस्ट वाला आइडिया पसंद आया?यह बदलवा क्यों चाहिए? इन दिनों कई तरह के बदलाव चल रहे हैं। परंपरागत तरीके के साथ बने रहने में कुछ भी गलत नहीं है। कुछ शानदार टेस्ट मैच 5वें दिन तक अभी भी जाते हैं। मैं मानता हूं कि अगर टेस्ट मैच की लंबाई (5 दिन) को कम किया गया तो इसके स्तर में गिरावट आएगी। स्पिनर्स तो खेल से बाहर ही हो जाएंगे।

Source: Sports

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