
बता दें कि इस अस्पताल का निर्माण 23 जनवरी को शुरू हुआ था और 2 फरवरी यानी रविवार को अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। इस अस्पताल के निर्माण की कमान चीन की सेना ने अपने हाथों में ली थी और इसका जिम्मा भी सेना ही संभालेगी। इतने कम समय में इतने विशालकाय अस्पताल के निर्माण के लिए चीन ने मशीनों की फौज झोंक दी थी, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर खूब देखी गईं। 25 हजार वर्ग मीटर में तैयार हो रहे इस अस्पताल में सोमवार से इलाज शुरू हो गया। चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली चाइना ने इस पूरे प्रॉजेक्ट का एक टाइम लैप्स विडियो शेयर किया है। 2 मिनट के इस विडियो में देखा जा सकता है कि कैसे 23 जनवरी से 2 फरवरी के बीच यह प्रॉजेक्ट पूरा हो गया।
करॉना वायरस की दहशत, WHO ने घोषित किया इमरजेंसी
चीन में करॉना वायरस की जबरदस्त दहशत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे इंटरनैशनल इमर्जेंसी घोषित कर दिया है। बीमारी की भयावहता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि पिछले हफ्ते वुहान में चलते-चलते एक शख्स की मौत हो गई। शख्स अस्पताल से कुछ दूर पहले ही गिर पड़ा और दम तोड़ दिया। बता दें कि वुहान से ही करॉना वायरस फैसला है। अब तक पूरी दुनिया के 18 देशों में इस बीमारी ने अपने पैर पसार लिए हैं।
भारत ने 647 नागरिकों को चीन से किया एयरलिफ्ट
भारत के केरल राज्य में भी इस बीमारी से पीड़ित एक लड़की मिली है। उधर भारत के विदेश मंत्रालय ने एयर इंडिया के सहयोग से चीन के वुहान में फंसे भारतीयों को निकालने का अभियान चलाया। 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दिल्ली से दो फ्लाइट वुहान भेजी गईं। इन दोनों से 647 भारतीयों को दिल्ली लाया गया है। तीन दिन के इस ऑपरेशन में 78 स्टाफ की स्पेशल टीम को लगाया गया था। इसमें 68 एयर इंडिया से और 10 आरएमएल, सफदरजंग हॉस्पिटल के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ थे। दोनों दिनों में दो अलग-अलग बोइंग 747 जंबो प्लेन लगाए गए थे। ताकि अधिक से अधिक भारतीयों को चीन से भारत लाया जा सके।
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