चीन के वुहान से 324 भारतीय छात्र दिल्ली पहुंचे

नई दिल्‍ली
चीन के से शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पहुंचे 324 भारतीयों को स्क्रीनिंग के बाद आईटीबीपी और भारतीय सेना के सेंटर भेजा गया है। के खतरे को देखते हुए सुबह तकरीबन साढ़े सात बजे इस विमान से 324 भारतीयों को वापस लाया गया। वुहान से लौटने वालों में 200 से ज्यादा भारतीय छात्र हैं। वुहान, हुबेई की प्रांतीय राजधानी है। यहां करॉना वायरस का सबसे ज्यादा संक्रमण देखा जा रहा है। चीन में अब तक करॉना वायरस ने 259 लोगों की जान ले ली है और 10,000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग, भेजे गए छावला-मानेसर
जो 324 भारतीय वापस आए हैं, उनमें से 211 छात्र, 110 नौकरीपेशा और 3 नाबालिग हैं। वुहान से देश लौटने वाले भारतीयों की जांच के लिए एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीम तैनात की गई। विमान में सवार सभी भारतीयों की स्क्रीनिंग हुई। जांच के बाद उन्हें आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के छावला और भारतीय सेना के मानेसर स्थित कैंप भेजा गया है। वुहान से आए 220 भारतीयों को मानेसर में सेना के केंद्र, जबकि बाकी 104 लोगों को आईटीबीपी के छावला कैंप में रखा गया है।

14 दिन तक आइसोलेशन सेंटर में रहेंगे भारतीय
वुहान से पहुंचने वाले भारतीयों में ज्यादातर छात्र हैं। इन्हें दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी के अस्पताल में आइसोलेशन (एकांत) में रखा जाएगा। आईटीबीपी ने इसके लिए खास इंतजाम किए हैं। यहां 600 लोगों के इलाज, देखभाल के लिए अलग से बिस्तर की व्यवस्था है। इसके साथ ही हरियाणा के मानेसर में स्थित केंद्र में भी वुहान से लौटे भारतीयों को भेजा जा रहा है। एयरपोर्ट से बसों के जरिए भारतीय यात्रियों को छावला और मानेसर के सेंटर भेजा गया है।

छावला और मानेसर सेंटर में खास इंतजाम
आईटीबीपी के छावला कैंप में भारतीय यात्रियों को अलग वॉर्ड में रखा जा रहा है। यहां उनकी चिकित्सकीय निगरानी करने के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम मुस्तैद है। चीन से आने वाले यात्रियों की हवाई अड्डे पर जांच की जाएगी और उसके बाद उन्हें मानेसर स्थित केंद्र में लाने का भी इंतजाम है। अगर किसी के करॉना वायरस से ग्रसित होने की आशंका होगी तो उसे अलग वॉर्ड में शिफ्ट किया जाएगा।

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WHO ने घोषित किया ग्लोबल इमर्जेंसी
भारतीयों को लाने चीन के लिए उड़ा एयर इंडिया का प्लेन वुहान में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे लैंड कर गया था। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने करॉना को ग्लोबल इमर्जेंसी घोषित किया है। यहां वायरस संक्रमण के 11,791 मामले सामने आ चुके हैं। दूसरी ओर अस्पतालों में भर्ती 243 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।

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हुबेई में करॉना का असर सबसे ज्‍यादा
गौरतलब है कि हुबेई प्रांत में करॉना वायरस का सबसे अधिक असर देखा गया है। वुहान इसी हुबेई प्रांत की राजधानी है। यहां केंद्र है जिसे आधिकारिक तौर पर 2019-एनसीओवी के नाम से जाना जाता है। वुहान, हुबेई की प्रांतीय राजधानी है। यहां लगभग 700 भारतीय यहां रहते हैं। इनमें से अधिकतर मेडिकल छात्र और रिसर्च स्कॉलर हैं जो यहां के स्थानीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।

(पीटीआई से मिले इनपुट के साथ)

Source: National

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