सबसे ताकतवर दूरबीन केप्लर, जानें रोचक बातें

नई दिल्ली
अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (नासा) ने 7 मार्च 2009 को लॉन्च किया था। की यह दूरबीन सूरज की परिक्रमा करती है। इसका काम सूरज जैसे ही लेकिन उससे अलग अन्य तौरों के इर्द-गिर्द दूसरे गैर-सौरीय ग्रहों को ढूंढना है जो पृथ्वी से मिलते-जुलते हों। पृथ्वी जैसे करीब डेढ़ लाख सितारों की टोह लेती रहती है। इसे मानव जाति के इतिहास की सबसे ताकतवर दूरबीन माना गया।

केप्लर को पृथ्वी जैसे अन्य ग्रहों की खोज के लिए ही नासा ने लॉन्च किया था। हालांकि 9 साल के ऑपरेशन के बाद इस टेलिस्कोप के रिऐक्शन कंट्रोल सिस्टम का ईंधन कम हो गया था, जिसके बाद नासा ने 30 अक्टूबर, 2018 को इसे रिटायर करने का ऐलान कर दिया।

हालांकि केप्लर के रिटायर होने से पहले ही नासा के वैज्ञानिक हर ज़रूरी जानकारी इकट्ठा करने में कामयाब रहे थे। केप्लर 60 करोड़ डॉलर की लागत से तैयार किया गया था। इसे ‘केप्लर’ नाम एस्ट्रोलॉमर (खगोलज्ञ) जोहनस केप्लर के सम्मान में दिया गया था। केप्लर 2009 से 2018 तक अंतरिक्ष में सक्रिय रहा और इस दौरान उसने 5 लाख से भी ज़्यादा तारों का अवलोकन किया। इसने करीब 2,681 ग्रहों की खोज करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई।

Source: International

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *