
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि टी-20 वर्ल्ड कप के होने में कुछ ही महीने रह गए हैं। टीम इंडिया इसकी तैयारी में जुट गई है। इस तैयारी के लिए न्यू जीलैंड बहुत ही खास है, क्योंकि यहां की पिच और कंडीशन वर्ल्ड कप के मेजबान ऑस्ट्रेलिया के बेहद करीब है। या यूं कह लें कि लगभग एक ही जैसी है। इस दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ियों को आईपीएल के लिए स्वदेश लौटना होगा। इसका मतलब है कि उसके खिलाड़ियों को और भी टी-20 मैच खेलने को मिलेगा।
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इसलिए खास है दौराउल्लेखनीय है कि भारत अपने अभियान की शुरुआत वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 24 अक्टूबर को पर्थ में करेगा। ऑस्ट्रेलियाई पिचें न्यू जीलैंड की ही तरह तेज होती हैं, जो फास्ट बोलर्स के अनुकूल होती हैं। माना जाता है कि यहां भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे एशियाई देशों के बल्लेबाजों को यहां खेलने में परेशानी होती है। ऐसे में विराट और उनकी टीम चाहेगी कि यहां की कंडीशन और पिच पूरी तरह समझ ले, जिससे कि उसके वर्ल्ड कप अभियान में फायदा मिले।
पिछली बार मिली थी हार, इस बार है शानदार मौकाभारत अब तक न्यू जीलैंड में कोई भी टी-20 इंटरनैशनल सीरीज नहीं जीत सका है। भारतीय टीम पिछले साल फरवरी में जब टी20 सीरीज खेलने न्यू जीलैंड आई थी तो उसे 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद न्यू जीलैंड का मनोबल गिरा हुआ है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में उसे टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया। ऐसे में भारतीय टीम के पास अपना रेकॉर्ड बेहतर करने का मौका है।
टीम इंडिया की परेशानीदुनिया की सबसे चुस्त-दुरुस्त टीम मानी जाने वाली भारतीय टीम फिलहाल परेशानी में है। इसकी वजह है कि न्यू जीलैंड दौरे से ठीक पहले ऋषभ पंत, शिखर धवन और इशांत शर्मा का चोटिल हो जाना। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या पहले ही चोट की वजह से क्रिकेट से दूर हैं। मनीष पांडे, शिवम दूबे, संजू सैमसन, क्रुणाल पंड्या, शार्दुल ठाकुर और नवदीप सैनी टीम में हैं, लेकिन ये वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होंगे यह कहा नहीं जा सकता है।
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Source: Sports

