हम भारत के लोग हैं जो सरकार चुनते हैं,यह सरकार कौन होती है जो भारत के लोगों को चुने?:- सैय्यद इम्तियाज़ हैदर (चेयरमैन)
केंद्र की नाकाम भाजपा सरकार देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोज़गारी, बढ़ती महंगाई पर ध्यान दे, देश की जनता को भ्रमित ना करे।
अल्पसंख्यकों को दुश्मन और समस्या मानना या उन्हें प्रताड़ित करने को ही दुनिया हिटलरशाही कहती है और इसे इंसानियत पर कलंक मानती है।
ऑल इंडिया कौमी एकता की जानिब से कल हैदरी मस्जिद मोमिनपारा रायपुर में सीएए, एनआरसी के ख़िलाफ़ खुलकर विरोध किया गया,
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन जनाब सैय्यद इम्तियाज़ हैदर जी ने पहुँचकर इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि हमारे संविधान में इस बात की गारंटी की गई है कि भारत के लोग वोट देकर अपनी सरकार चुनें और उसे अपने हिसाब से चलायें. संविधान इस बात की इजाजत नहीं देता कि सरकार तय करे कि देश में किन्हें वोट का हकदार माना जायेगा और किन्हें नहीं औऱ तो और धार्मिक आधार पर तो कतई नही माना जायेगा।
डा. अम्बेडकर द्वारा 1950 में बनाया गया, भारत का संविधान भारतीय नागरिकों के बीच धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता है,संविधान के अनुसार भारत की नागरिकता को ‘हिन्दू’ या ‘मुसलमान’ के आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता है,
ये धार्मिक कट्टरता, भेदभाव तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की देन है, इन्होंने कभी भी भारत का संविधान और उसकी धर्मनिपेक्ष भावना का समर्थन नहीं किया. आजादी के आंदोलन के दौरान और आजादी मिलने के बाद भी, वे केवल धर्म के आधार पर लोगों और देश को बांटने की कोशिशें लगातार करते रहे हैं जो कि आज सीएए और एनआरसी, एनपीआर के रूप में है।
भाजपा सरकार अपनी लोगो को बांटने वाली विचारधारा के अनुरूप इसी में लगी हुई है कि कैसे भी करके संविधान के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक स्वरुप को खत्म कर दिया जाये पर हम सभी भारतीय ऐसा नही होने देंगे।

