यमन: मिसाइल अटैक में 80 जवानों की मौत

दुबई
यमन के मिलिटरी कैम्प में मौजूद एक मस्जिद पर मिसाइल और ड्रोन अटैक में 80 जवानों की मौत हो गई। मारिब में हुए इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बता दें कि हूती और यमन सरकार के बीच जारी युद्ध में कुछ महीनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद शनिवार को यह हमला हुआ। यमन सरकार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का समर्थन प्राप्त है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव है। यह तनाव इराक में अमेरिकी एयरस्ट्राइक में कमांडर सुलेमानी के मारे जाने के बाद तेहरान द्वारा अमेरिकी सैन्य अड्डों पर रॉकेट से हमले से पैदा हुआ है।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने सना के पूर्व में करीब 170 किलोमीटर दूर मारिब में शाम को नमाज के दौरान एक सैन्य शिविर पर हमला किया। हताहतों को मारिब शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि शनिवार को हुए हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए। इस हमले से एक दिन पहले गठबंधन समर्थित सरकारी बलों ने सना के उत्तर में स्थित नाहम क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। आधिकारिक संवाद समिति सबा के अनुसार एक सैन्य सूत्र ने बताया कि नाहम में संघर्ष रविवार को भी जारी रहा। सूत्रों ने कहा, ‘(हूती) मिलिशिया के दर्जनों लोग हताहत हुए।

राष्ट्रपति हादी ने की निंदा
यमन ने राष्ट्रपति अबेदरब्बो मंसूर हादी ने इस कायराना और आतंकवादी हमले की निंदा की है। हादी ने कहा, ‘ हूती मिलिशिया का यह शर्मनाक कदम इस बात की निस्संदेह पुष्टि करता है कि वह शांति के इच्छुक नहीं है, क्योंकि उसे मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं आता और वह क्षेत्र में ईरान का घटिया हथियार है।’ हूती विद्रोहियों ने इस हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है और ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब गुरुवार संयुक्त राष्ट्र दूत मार्टिन ग्रिफिथ्स ने हाल के समय में हमलों में आई कमी का स्वागत किया था।

Source: International

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