रायपुर। भाजपा प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार कर
कहा कि चोर को चोर, तड़ीपार को तड़ीपार, मुखबिर को मुखबिर कहो तो भाजपा
क्यों तिलमिलाती है? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि
रायपुर उत्तर के विधानसभा चुनाव की हार के बाद मानसिक अवसाद से गुजर रहे
भाजपा के चाटुकार प्रवक्ता सुंदरानी में सच को सुनने का साहस नहीं बचा है।
जिस दल का प्रमुख तड़ीपार हो लड़कियों का जासूसी कराने का आरोप लगा हो उस दल
की सदस्यों की मानसिक हालात और भाषा भी तड़ीपार की तरह ही रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि चौकीदार की चोरी
जगजाहिर हो गई है। विदेशों में भी चर्चा का विषय है, ऐसे में चोर को चोर
नही तो क्या सूबेदार कहे? अब भाजपा नेताओं ने सत्कर्म तो नही किये है,
कुकर्म ही किये ऐसे में जनता तो उन्हें दुत्कारेगी ही। चोर को चोर कहो तो
भाजपा को पीड़ा इसलिये होती है, क्योंकि चौकीदार चोर के काली कमाई से ही तो
भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की रमन सरकार के
घोटालो की जांच करो तो भाजपा को बदलापुर लगता है। नान घोटला की डायरी में
मैडम सीएम कौन पूछो तो, रमन मेडिकल के पते पर विदेश में बैंक खाता खुलवाने
वाले अभिषाक सिंह के बारे में या रमन सिंह के दमाद पुनीत गुप्ता के
फर्जीवाड़ा की जांच कराओ तो भाजपा को पीड़ा होती है। असल में भाजपा का जन्म
ही अपराधियो को पाक साफ बनाने हुआ है।
भाजपा तो अपराधियो की पनाहगार है। चोरी, हेराफेरी करने वाले भाजपा ज्वाइन
कर ले तो सभी जुर्म माफ हो जाते है। चौकीदार चोर ही नही बल्कि शातिर भी है
चोरी पकड़े जाने के बाद कैसे खुद को बचाने पूरा एक गैंग तैयार कर जनता की
आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। तड़ीपार ने चोर को बचाने पूरी जमात को
ही चौकीदार नाम दे दिया, लेकिन ये वो चौकीदार नही है जो दिन-रात जान-माल की
रक्षा करता है बल्कि ये तो उस गैंग की तरह है जो लूटमार, पाकेटमारी,
नकबजनी करता है और अपने गैंग के सदस्य को पहचानने के लिये गैंग का नाम रखता
है। जैसे अपराधियों ने सम्राट गैंग, बादशाह गैंग, फौजी गैंग बनाकर संगठित
लूटपाट करते थे वैसे ही चौकीदार चोर चोरी करके पकड़े जाने के बाद खुद को
बचाने गैंग बनाया जिसका नाम चौकीदार रखा। ताकि जनता भलमनसाहत से हकीकत के
चौकीदार की ईमानदारी निष्ठा को देखकर बहरूपिया चौकीदार की चोरी पर ध्यान ना
दे।
चोर और तड़ीपार के संगत में भाजपा के नेता मानसिक दिवालियापन के दौर से गुजर रहे है

