जेएनयू हिंसा पर आया अजय देवगन का ट्वीट, 'तथ्यों का इंतजार करना चाहिए'

मुंबई
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हिंसा के विरोध में लेफ्ट छात्रों के प्रदर्शन में अभिनेत्री के पहुंचने पर कुछ लोग उनकी नई फिल्म ‘छपाक’ के बहिष्कार का अभियान चला रहे हैं और इसके बदले की फिल्म ‘तान्‍हाजी-द अनसंग वॉरियर’ देखने की अपील कर रहे हैं। इस बीच ऐक्टर अजय देवगन ने इस पूरे विवाद को थामने की कोशिश करते हुए कहा है कि दोनों ही फिल्में अच्छी हैं और वह चाहते हैं कि लोग दोनों ही फिल्में देखें। उन्होंने जेएनयू हिंसा को लेकर कहा कि वह तथ्यों के सामने आने का इंतजार करते हैं। देवगन ने लोगों से शांति और भाईचारे की भी अपील की है।

आपको बता दें कि 5 जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर विवाद जारी है। इस पर जमकर राजनीति भी हो रही है। लेफ्ट के प्रदर्शन के दौरान दीपिका पादुकोण के पहुंचने के बाद यह विवाद फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंच गया। इसे लेकर भी काफी कॉन्‍ट्रोवर्सी हुई और लोगों ने यहां तक कह दिया कि यह सब ऐक्‍ट्रेस ने पब्‍लिसिटी के लिए किया। बीजेपी के कई नेताओं और समर्थकों ने दीपिका की फिल्म छपाक के बहिष्कार की अपील की तो सुझाव दिया कि साथ ही रिलीज हुई फिल्म ‘तान्‍हाजी: द अनसंग वॉरियर’ देखें।

अजय ने शुक्रवार को जेएनयू मुद्दे पर ट्वीट किया, ‘मैंने हमेशा कोशिश की कि हमें उचित तथ्यों का इंतजार करना चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि हम शांति और भाइचारे की भावना को आगे बढ़ाएं। इसमें किसी भी तरह से लापरवाही नहीं करनी चाहिए।’

दोनों फिल्‍मों को अच्‍छा करना चाहिए…
वहीं, ‘तान्‍हाजी’ और ‘छपाक’ के क्‍लैश से फिल्‍मों की कमाई पर असर के सवाल पर अजय ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं चाहता हूं कि दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई करें। मुझे लगता है कि दोनों ही फिल्मों के विषय बेहद अच्छे हैं।’ उधर, दीपिका के जेएनयू पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर ‘बायकॉट छपाक’ ट्रेंड करने लगा और कई यूजर्स ने ‘छपाक’ का बहिष्कार कर ‘तान्‍हाजी’ देखने की अपील की। इस ट्विटर वॉर पर ऐक्‍टर ने हंसते हुए कहा, ‘लड़ाई हो रही है? कौन कर रहा है? मुझे लगता है कि कोई लड़ाई नहीं हो रही है। लोग अपनी बात सोशल मीडिया के जरिए कहते हैं और हम इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।’

पढ़ें,

इससे पहले भी अजय ने एक इंटरव्‍यू में कहा था, ‘मैं सुबह से ये खबरें देख रहा हूं जो बेहद परस्पर विरोधी मामला है। अभी तक हमें यह पता नहीं चला है कि किसने क्या किया है। जब तक सबकुछ साफ नहीं हो जाता है, उससे पहले इस मामले पर कॉमेंट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, जो कुछ भी हो रहा है, वह दुखद है। जो कोई भी कर रहा है, गलत कर रहा है। हिंसा किसी चीज का हल नहीं है और इससे हमारे देश को ही नुकसान हो रहा है।’

अजय ने कहा था कि जब तक हम किसी मामले को पूरी तरह से जानते न हों, हमें चुप रहना चाहिए। अगर लोगों को लगता है कि इस मामले पर कुछ नहीं बोलने का मतलब दोषियों के साथ खड़ा होना है तो यह बेवकूफी है। हम आग में और घी नहीं डाल सकते हैं।

क्‍या था पूरा मामला?
बता दें, 5 जनवरी को नकाबपोशों की भीड़ ने डंडे और छड़ लेकर जेएनयू कैंपस के अंदर स्‍टूडेंट्स और टीचर्स पर अटैक किया था। इस घटना में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष समेत 34 लोग घायल हो गए थे।

Source: Bollywood

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *