
तेहरान में हुए यूक्रेन के फ्लाइट हादसे की जांच के लिए ईरान के रुख में अब पहले से नर्मी आई है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, विमान हादसे की जांच के लिए बोइंग को बुलाया गया है। यूक्रेनियन जेटलाइनर क्रैश में कुल 176 लोगों क मौत हुई थी। शुरुआत में ईरान ने इस हादसे का कारण तकनीकी खराबी को बताया था।
पश्चिमी देशों का दावा, ईरानी मिसाइल से ही हुआ हमला
ईरान ने बोइंग को जांच के लिए आमंत्रित ऐसे वक्त में किया है जब पश्चिमी देशों से दबाव काफी बढ़ रहा है। वॉशिंगटन और ईरान के बीच जारी तनाव के दौरान कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों का कहना है कि गलती से ईरानी बलों ने विमान को मिसाइल हमले का निशाना बना दिया। अमेरिका के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने बयान जारी कर कहा है कि ऐसा लगता है विमान ईरानी मिसाइल हमले के कारण क्रैश हुआ।
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ईरान की सरकारी मीडिया इरना न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा है कि यूक्रेन के साथ हमने बोइंग कंपनी को भी विमान हादसे की जांच के लिए बुलाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने कहा, ‘हम दूसरे देशों की जांच टीम को भी जांच के लिए आमंत्रित करते हैं। जिन देशों के नागरिकों की मौत इस दुखद हादसे में हुई है, हम उन्हें जांच के लिए आमंत्रित करते हैं।’
पहले विमान कंपनी को मलबा देने से ईरान ने किया था इनकार
ईरानी उड्डयन विभाग ने इससे पहले कहा था कि वह प्लेन के ब्लैक बॉक्स को किसी अमेरिकी के हवाले नहीं करेगा। किसी भी विमान दुर्घटना की जांच के लिए ब्लैक बॉक्स काफी अहम रहता है। ऐसे में ईरान की ओर से ब्लैक बॉक्स न सौंपने की बात कहने से दुर्घटना को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है। हालांकि, अब ईरान ने अपने ही रुख में बदलाव के संकेत दिए और जांच के लिए राजी हो गया।
Source: International

