
करण ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘पन्नों को फ्रेम में बदलना, एक समय में एक रोमांच। आपके लिए नितिन गोखले की किताब () को रुपहले पर्दे पर लेकर आ रहे हैं। अधिक जानकारी जल्द ही आएगी!’ फिल्म रामेश्वर नाथ काव की उस अनकही कहानी को सबके सामने लेकर आएगी जिसमें भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी (R & AW) की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की दुनिया में काव का एक सफल नाम बनने की कहानी शामिल है।
पढ़ें:
बता दें कि बेहद आकर्षक, शांत और शर्मीले स्वभाव के माने जाने वाले रामेश्वर नाथ काव का जन्म 10 मई, 1918 को वाराणसी में हुआ था। 1940 में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा का एग्जाम पास किया। सर्विस जॉइन करने के 8 साल बाद जब इंटेलिजेंस ब्यूरो(आईबी) की स्थापना हुई तो काव को सहायक निदेशक बनाकर आईबी में भेज दिया गया। उस वक्त देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सुरक्षा की जिम्मेदारी काव सौंपी गई। सिक्किम का भारत में सफल विलय काव के नेतृत्व और शानदार रणनीति की वजह से बगैर खून बहाए हुआ था।
Source: Bollywood

