ईरान के पास कभी नहीं होगा परमाणु हथियार: ट्रंप

वॉशिंगटन/तेहरान
अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देश एक-दूसरे को लगातार धमकी दे रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही ईरान ने घोषणा की कि वह अब 2015 के परमाणु समझौते के तहत लागू की गईं पाबंदियों का पालन नहीं करेगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ईरान को कभी धमकी न देना और 52 के बदले 290 की बात याद दिलाई।

ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।’ बता दें कि सैन्य जनरल सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका से जारी तनातनी के बीच ईरान ने घोषणा की थी कि वह उस निगरानी को और सीमित करने जा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि तेहरान असैन्य परमाणु उद्योग की आड़ में कोई परमाणु हथियार विकसित न करे। बता दें कि ट्रंप ने 2015 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में ईरान के साथ हुए समझौते से अमेरिका को अलग कर दिया था।

ईरानी राष्ट्रपति ने दिलाई 1988 की याद
उधर, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी अपने अमेरिकी समकक्ष डॉनल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी देश को कभी धमकी मत देना। बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के 52 ठिकानों पर निशाने की बात कही थी जिसके बदले में रूहानी ने उन्हें जुलाई 1988 की घटना याद दिलाई जब यूएस वॉरशिप ने ईरानी यात्री विमान पर हमला किया था जिसमें 290 लोगों की जानें गई थीं। हसन रूहानी ने ट्वीट किया, ‘जो 52 नंबर का जिक्र कर रहे हैं उन्हें 290 नंबर भी याद रखना चाहिए। #IR655 ईरानी देश को कभी धमकी न देना।’

ट्रंप ने दी थी 52 ठिकानों हमले की धमकी
ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अगर ईरान ने हमारे ठिकानों पर हमला किया तो हम उसके 52 ठिकानों पर भीषण हमला करेंगे और उसे बर्बाद कर देंगे। ट्रंप ने कहा था कि ईरान एक ऐसे आतंकवादी की हत्‍या का बदला लेने के लिए खुलेआम अमेरिकी ठिकानों पर हमले की बात कह रहा है जिसने अमेरिकी लोगों की हत्‍या की। उन्‍होंने कहा था, ‘ईरान हमारे दूतावास पर हमला कर रहा है और अन्‍य ठिकानों पर हमले के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान की समस्‍या कई सालों से बनी हुई है। मैं ईरान को चेतावनी देना चाहता हूं कि यदि उसने किसी अमेरिकी या अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया तो हमने ईरान के 52 लक्ष्‍यों की पहचान की है (ईरान द्वारा बंधक बनाए गए 52 अमेरिकी बंदियों की याद में)।’

संयुक्त राष्ट्र संघ ने जाहिर की चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतेरेस ने बढ़ते वैश्विक तनाव को लेकर अत्यधिक संयम बरतने की अपील की। अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य कमांडर की हत्या किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। गुतेरेस ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा, ‘नव वर्ष का आगाज हमारी दुनिया में खलबली के साथ हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘हम खतरनाक वक्त से गुजर रहे हैं। इस सदी में भूराजनीतिक तनाव उच्चतम स्तर पर हैं और यह अशांति बढ़ती जा रही है।’

Source: International

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