
उधर, प्रधानमंत्री इमरान खान का हवाला देते हुए मेजर जनरल ने कहा, ‘पाक किसी का और किसी के लिए पक्षकार नहीं बनेगा लेकिन वह शांति के लिए सहयोगी बनेगा ।’ दो दिन पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच 2014 में हुए सुरक्षा समझौते के अनुसार अफगान किसी देश के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल किए जाने की अनुमति नहीं देगा । इसके बाद पाक सैन्य प्रवक्ता का यह बयान आया है ।
एक सवाल के उत्तर में गफूर ने क्षेत्र में जारी तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि ईरान के जनरल के मारे जाने के बाद क्षेत्रीय स्थिति में बदलाव आया है और पाकिस्तान शांति व्यवस्था में मदद करने में अपनी भूमिका निभाएगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने शुक्रवार की सुबह बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से निकलते काफिले पर हमला किया था, जिससे इसमें ईरान के कुद्स बल के प्रमुख कासिम सुलेमानी मारे गए थे । इस हमले में इराक के सबसे तातकवर अर्द्धसैनिक बल हशद अल साबी के उप प्रमुख की भी मौत हो गयी । सुलेमानी के मारे जाने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है ।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा ईरान से लगती है, जिसने इराक में अमेरिकी हमले में शीर्ष सैन्य कमांडर के मारे जाने का बदला लेने का संकल्प लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्होंने देश में 52 संभावित स्थानों की पहचान की है । ट्रंप ने कहा कि सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए अगर ईरान अगर उनके देश पर हमला करता है तो उनका देश अबतक का सबसे भीषण हमला इस इस्लामिक देश पर करेगा ।
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