'स्विंग के किंग' इरफान पठान का क्रिकेट से संन्यास

नई दिल्लीभारतीय क्रिकेटर में ‘स्विंग के किंग’ कहे जाने वाले ने शनिवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए कहा कि आज मैं सभी तरह की क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। यह मेरे लिए भावुक पल है, लेकिन यह ऐसा पल है जो हर खिलाड़ी की जिंदगी में आता है। छोटी जगह से हूं और मुझे सचिन तेंडुलकर और सौरभ गांगुली जैसे महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला, जिसकी हर किसी को तमन्ना होती है।

इस दौरान उन्होंने अपने सभी टीम के सदस्यों, कोचों, सपॉर्ट स्टाफ और फैन्स का धन्यावाद किया। उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी साथियों, कोचों और स्पॉर्ट स्टाफ का शुक्रिया करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे हमेशा सपॉर्ट किया। मैं उस खेल को ऑफिशली छोड़ रहा हूं, जो मुझे सबसे अधिक प्यारा है।’ अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए इरफान भावुक हो गए। इरफान बोले ने आगे कहा, ‘जिंदगी का सबसे खास लम्हा जब भारतीय टीम की कैप मिली, मैं क्या कोई भी क्रिकेटर उस लम्हे को नहीं भूल सकता, जब वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है।’

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उन्होंने कहा, ‘आज मैं क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूं जिसके बारे में मैं रात दिन सोचा करता हूं। मैंने आखिरी बार 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और इसके बाद मैंने काफी कोशिश की। मैं अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ा। यह नयी यात्रा शुरू करने का समय है।’

बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐडिलेड ओवल में भारत की तरफ से पदार्पण किया था। वह तब 19 साल के थे। वह बहुत तेज गेंदबाजी नहीं करते थे, लेकिन दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए स्विंग कराने की नैसर्गिक क्षमता के कारण उन्हें जल्द ही सफलता मिलने लगी और उनकी कपिल देव से भी तुलना की जाने लगी। ऐसा लग रहा था कि भारत को वह अदद ऑलराउंडर मिल चुका है जिसकी उसे कपिल देव के संन्यास लेने के बाद तलाश थी। क्रिकेट में अपने यादगार क्षण की बात करते हुए इरफान ने कहा कि भारत की तरफ से खेलना शीर्ष पर रहेगा।

लंबे समय से इंटरनैशनल क्रिकेट से बाहर थेपाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में हैटट्रिक लेने वाला यह खिलाड़ी एक वक्त दिग्गज बल्लेबाजों के लिए खौफ हुआ करता था। गेंद को दोनों तरफ स्विंग करना इरफान का सबसे बड़ा हथियार रहा। 2011-12 के दौरान वह खराफ फॉर्म से जूझ रहे थे और टीम इंडिया से बाहर हो गए। उन्होंने अपना आखिरी इंटरनैशनल क्रिकेट साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 अक्टूबर, 2012 को खेला था, जो टी-20 था। इसके बाद वह इंटरनैशनल क्रिकेट में वापसी नहीं कर पाए।

जम्मू-कश्मीर के लिए खेला पिछला डोमेस्टिक सीजन
पठान ने पिछला रणजी ट्रोफी सीजन जम्मू-कश्मीर के लिए खेला। वह इस टीम के कोच भी थे। उनका आखिरी डोमेस्टिक मैच (सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रोफी) केरल के खिलाफ रहा, जो उन्होंने 27 फरवरी 2019 को मलापडु में खेला था। इस मैच में उन्होंने 10 रन बनाए थे और दो विकेट झटके थे।

टेस्ट में इरफान का प्रदर्शनइरफान पठान के करियर की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए टेस्ट 29 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 31.57 की औसत से 1105 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनके नाम 32.26 की औसत से 100 विकेट हैं, जबकि बेस्ट बोलिंग 59 रन देकर 7 विकेट है। टेस्ट में उन्होंने 2 बार 10 या उससे अधिक विकेट, 7 बार 5 विकेट और 2 बार 4 विकेट झटके हैं।

  • पहला मैच vs ऑस्ट्रेलिया: दिसंबर 12-16, 2003
  • आखिरी मैच vs साउथ अफ्रीका: अप्रैल 3-5, 2008

वनडे और टी-20 इंटरनैशनल करियरवनडे करियर में इस ऑलराउंडर ने 120 मैच में खेले और 23.39 की औसत से 1544 रन बनाए। उनके नाम 5 अर्धशतक भी हैं, जबकि उन्होंने 173 विकेट झटके। वहीं, टी20 फॉर्मेट में इरफान ने भारतीय टीम के लिए 24 मैच में में 172 रन बनाए और 28 विकेट अपनी झोली में डाले।

वनडे-

  • पहला मैच vs ऑस्ट्रेलिया: जनवरी 9, 2004
  • आखिरी मैच vs श्रीलंका: अगस्त 4, 2012

टी-20I-

  • पहला मैच vs साउथ अफ्रीका: दिसंबर 1, 2006
  • आखिरी मैच vs साउथ अफ्रीका: अक्टूबर 2, 2012

आईपीएल में ऐसा रहा प्रदर्शनइंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी इरफान पठान का प्रदर्शन शानदार रहा है। कई टीमों के लिए खेलने वाले इरफान पठान ने 103 मैच में 1139 रन बनाए और गेंद के साथ 33.11 के औसत से 80 विकेट अपने नाम किए थे।

Source: Sports

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