झारखंड में झटका, BJP को JDU की नसीहत

पीयूष त्रिपाठी, पटना
झारखंड में बीजेपी की करारी हार के बाद अब उसके सहयोगी ही उसे नसीहत देने लगे हैं। एनडीए में शामिल जेडीयू ने झारखंड के नतीजों पर कहा है कि बीजेपी की हार की वजह उसका क्षेत्रीय सहयोगियों के प्रति ‘असहयोगी’ रवैया है। जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी ने तो , LJP जैसे छोटे सहयोगियों को साध नहीं पाई और न ही अपनी पार्टी को। दूसरी तरफ जेएमएम की अगुआई में महागठबंधन एकजुट बना रहा और जीत हासिल की।

संजय सिंह ने कहा, ‘यह पूरी तरह साफ है कि अगर बीजेपी झारखंड में जेएमएम की अगुआई वाले विपक्ष के खिलाफ सहयोगियों को साथ ले एकजुट होकर लड़ी होती तो वह नहीं हारती। हमें उम्मीद है कि बीजेपी इन नतीजों की समीक्षा करेगी और आने वाले बिहार चुनाव में झारखंड जैसी गलती को नहीं दोहराएगी।’

बीजेपी ने झारखंड की 81 में से 79 सीटों पर चुनाव लड़ा। उसने ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) पार्टी के चीफ सुदेश महतो के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी और AJSU के बीच आखिरी क्षणों में बात नहीं बन पाई। एक और सीट जो AJSU के खाते में जाने वाली थी, वहां बीजेपी ने अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया था। आजसू ने कुल 56 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। दूसरी तरफ, एनडीए में शामिल जेडीयू ने 46 और एलजेपी ने 30 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। आजसू सिर्फ 2 सीटों पर जीत सकी, जबकि जेडीयू और एलजेपी का खाता तक नहीं खुला। लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान बीजेपी को हुआ और वह पिछली बार की 37 सीटों से घटकर 25 पर आ गई।

जेडीयू एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने भी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘एनआरसी और सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का असर भी झारखंड चुनाव के नतीजों पर दिख रहा है।’ दूसरी तरफ, बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद का दावा है कि झारखंड के नतीजों का बिहार के आने वाले चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि दोनों राज्यों की डिमॉग्रफी यानी जनसांख्यिकी एक दूसरे से बिलकुल जुदा है।

Source: National

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