
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने प्रधानमंत्री को धर्म संकट में डालने वाली मांग की है। उन्होंने इमरान से आग्रह किया है कि वह ‘चीन में उइगर मुसलमानों के साथ होने वाले जुल्म पर आवाज उठाएं।’ अपने जमाने में विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ-साथ अपनी गुगली गेंदों के लिए भी प्रसिद्ध रहे अफरीदी ने इमरान की तरफ यह बयान की गुगली फेंकी है।
चीन पर पाकिस्तान की निर्भरता किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान लगातार उइगर मुसलमानों के मुद्दे को चीन का आंतरिक मामला बताकर परोक्ष रूप से चीन का पक्ष लेता रहा है। अफरीदी ने ट्वीट किया, ‘उइगर मुसलमानों के खिलाफ जुल्म सुनकर दिल टूट जा रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान से गुजारिश है कि आप उम्मत (मुस्लिम समुदाय) को संगठित करने की बात कहते हैं तो इस बारे में भी थोड़ा सोचें। चीनी हुकूमत से अपील है कि वह भगवान के लिए, अपने मुल्क में मुसलमानों का उत्पीड़न रोके।’
चीन के शिनजियांग इलाके में एक करोड़ से अधिक रहते हैं जिन्हें कथित रूप से डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा है। उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के आरोप में अमेरिका ने चीन की 28 सरकारी व गैरसरकारी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। हाल ही में तुर्की मूल के जर्मन फुटबॉलर मेसुत ओजिल ने भी उइगर मुसलमानों का मुद्दा उठाते हुए उनके मामले में चीन की नीतियों की निंदा की थी।
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