ठाकरे स्टैचू के लिए कटे पेड़, पवार की नसीहत

सैयद रिजवानुल्लाह, औरंगाबाद
शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का स्टैचू स्थापित करने के लिए पेड़ काटने को लेकर एनसीसी चीफ शरद पवार ने औरंगाबाद नगर निगम की आलोचना की है। शुक्रवार को पवार ने कहा कि बालासाहेब खुद ऐसे प्लान को खारिज कर देते। साथ ही जिस शख्स ने उनका स्टैचू लगाने के लिए पेड़ काटने का आदेश जारी किया है, उसको ठाकरे की नाराजगी झेलनी पड़ती।

शरद पवार ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। इस कार्यक्रम में अंकुश उर्फ बाबूराव कदम और उनकी पत्नी अनुराधा कदम को शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए सम्मानित किया गया। बाबूराव मराठवाड़ा की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं। एनसीपी चीफ ने कैंपस में एमजीएम यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री कमल किशोर कदम ने कहा कि नगर निगम प्रशासन ने ठाकरे का स्टैचू लगाने के लिए कई हरे पेड़ों को काट डाला।

‘…तो बाल ठाकरे भी पेड़ काटने वाले शख्स को नहीं बख्शते’
कमल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, ‘मैं खुश हूं कि नगर निगम बाल ठाकरे का स्टैचू लगा रहा है लेकिन यह पेड़ों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। यहां तक कि बाल ठाकरे खुद इस प्लान को नामंजूर कर देते और पेड़ काटने वाले शख्स को नहीं बख्शते।’

एनसीपी अध्यक्ष ने कहा, ‘हम जानते हैं कि पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा अंकुशराव के काफी करीब है, जिन्होंने ग्रीन कैंपस तैयार करने के लिए करीब 40 साल खपाए हैं।’ पवार ने इस दौरान मराठवाड़ा के पिछड़ा क्षेत्र होने से इनकार करते हुए कहा, ‘मैं इससे सहमत नहीं हूं। क्षेत्र के पास प्रतिभा और क्षमता है, जिसको पहचाने जाने की जरूरत है। अंकुशराव कदम और कमल किशोर कदम की तरफ देखिए। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए एमजीएम की शुरुआत की है। वह राज्य और इससे बाहर 37 अलग-अलग इंस्टिट्यूट चलाते हैं।’

आरे पर बरपा था हंगामा
बता दें कि मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर खूब हंगामा हुआ था और यह मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया था। पेड़ों की कटाई रोकने पर 29 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया था कि पर्यावरणविदों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

Source: National

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