
विश्व चैंपियनशिप के बाद ओलिंपिक क्वॉलिफायर के लिए एमसी का नाम सीधे भेजने वाली बात पर अब भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने पलटी मारी है। बीएफआई ने अब कहा है कि ओलिंपिक क्वॉलिफायर के लिए 5 सिंतबर को हुई बैठक में जो नियम बनाए गए थे, उन्हीं का पालन होगा। इस बयान का सीधा मतलब है कि अब मैरी कॉम को चीन में होने वाले ओलम्पिक क्वॉलिफायर के लिए ट्रायल्स की अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।
इसी साल तीन से 13 अक्टूबर के बीच रूस में हुई महिला विश्व चैंपियनशिप में मैरी कॉम ने महिलाओं की 51 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता था। मैरी कॉम के भारत लौटने के बाद बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा था कि मैरी कॉम को सीधे ओलिंपिक क्वॉलिफायर में भेजा जाएगा, उनको ट्रायल्स नहीं देनी होगी।
यह बात बीएफआई द्वारा 5 सितंबर को जारी किए गए नियमों के खिलाफ थी क्योंकि उस नियम के मुताबिक विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ही सीधे ओलिंपिक क्वॉलिफायर में प्रवेश मिलना था, जबकि अन्य मुक्केबाजों को ट्रायल्स से गुजरना था। मैरी कॉम के कांस्य जीतने के बाद भी बीएफआई अध्यक्ष ने उन्हें सीधे चीन में होने वाले क्वॉलिफायर में भेजने की बात कही थी, जिसपर और पिंकी रानी ने भारी ऐतराज जताया था।
अब बीएफआई ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा है कि 5 सितंबर जो जारी नियम ही लागू किए गए। इन नियमों के मुताबिक, ‘एआईबीए विश्व चैंपियनशिप-2019 में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ी को चीन में होने वाले ओलिंपिक क्वॉलिफायर में सीधे प्रवेश मिलेगा। उस भारवर्ग में, जिसमें विश्व चैंपियनशिप में भारत का कोई भी मुक्केबाज फाइनल में नहीं पहुंच सका था, उसके लिए ट्रायल्स होंगी, जिनमें चार मुक्केबाज हिस्सा लेंगी।’
ट्रायल्स में यह चार मुक्केबाज कौन होंगी, बीएफआई ने इसके भी नियम बताए हैं। बीएफआई के बयान के मुताबिक, ‘एआईबीए विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाली, नैशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाली और प्रशिक्षकों तथा चयन समिति द्वारा चुनी गई शीर्ष मुक्केबाज ट्रायल्स में हिस्सा लेंगी।’
बीएफआई के इस ताजा बयान से मैरी कॉम को परेशानी हो सकती है क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वह सीधे ओलिंपिक क्वॉलिफायर खेलेंगी। वहीं सभी पांचों वर्ग की ट्रायल्स में चौथा खिलाड़ी कौन होगा उसके लिए चयन समिति 21 दिसंबर को बैठक कर फैसला लेगी।
ट्रायल्स का आयोजन 27-28 दिसंबर को किया जाएगा। बयान के मुताबिक, कैम्प में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों की सिंतबर तक की रैंकिंग और टूर्नमेंट्स को भी चयन के समय ध्यान में रखा जाएगा।
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