रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसानों से कहना चाहूंगा, जब भी भाजपा केन्द्र में आती है, आपके खिलाफ फैसला लेती है। केन्द्र में भाजपा की सरकार न बनने दें। साथ में यह भी कहा कि केन्द्र ने चावल देना बंद करने का निर्णय लिया। इसलिए प्रदेश में दाल-भात केन्द्र बंद करना हमारी मजबूरी हो गई।
राजीव भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि यदि उसकी सरकार बनी तो किसानों से 2100 रुपये समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी होगी और 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व नरेन्द्र मोदी ने देश में अनेक सभाओं में कहा था कि यदि हमारी सरकार आई तो स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा के अनुसार कृषि उपजों का न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया जाएगा। किसानों की आय दुगनी की जाएगी। मई 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने जून 2014 में राज्यों व्दारा किसानों को बोनस दिए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मोदी सरकार ने 5 सालों में धान का समर्थन मूल्य 1310 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर मात्र 1750 रुपये किया। केन्द्र सरकार ने दाल भात केन्द्रों के लिए चावल नहीं देने का निर्णय लिया। इन्हें बंद करना हमारी मजबूरी हो गई। मोदी सरकार गरीब विरोधी सरकार रही है। नक्सलवाद के मुद्दे पर पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल व्दारा लगाए गए आरोप पर भूपेश बघेल ने कहा कि बृजमोहन जी की बुद्धि पर तरस आता है। वो कह रहे हैं नक्सलियों को मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए नक्का मूर्ति पर पुलिस चालान नहीं पेश कर पाई। चालान पेश करने 180 दिन का समय था। इसके पहले ही उस व्यक्ति की जमानत हो गई। झीरम घाटी कांड में हमने अपने नेता खोए हैं, भाजपा वालों ने नहीं। नक्सलियों से सांठगांठ तो भाजपा की है। सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहे सारे लोग भाजपा की निगाह में नक्सली समर्थक हैं। हमारा तो अब भी यही कहना है नक्सलवाद के मुद्दे पर बस्तर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, पत्रकारों एवं व्यापारियों से बात करेंगे। नक्सली यदि भारत के संविधान पर आस्था व्यक्त करें तभी बातचीत के बारे में सोचा जा सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के पुलिस जांच में सामने नहीं आने के सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि वो 50 करोड़ जीम गए। बिना टेंडर निर्माण कार्य करवाया। बिना विज्ञापन के भर्ती की। डॉ. रमन सिंह ने दामाद को आखिर इतनी छूट क्यों दे रखी थी। डॉ. गुप्ता भागे-भागे ना फिरें। पुलिस के सामने आकर अपना पक्ष रखें।

