ब्रिटेन आम चुनाव में भारतीयों की बड़ी भूमिका

लंदन
ब्रिटेन में आज होने वाले आम चुनाव इस बार इसलिए भी अहम हैं क्योंकि इसमें प्रवासी भारतीय और पाकिस्तानी बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं। कयास हैं कि ब्रिटिश हिंदू इस बार को वोट देने जा रहे हैं। ब्रिटेन के प्रवासी भारतीय के खिलाफ इसलिए भी हैं क्योंकि जेरेमी कॉर्बिन ने कश्मीर पर ऐंटी इंडिया बयान दिए थे। ब्रिटिश इंडियन लोगों का एक समूह था जो कि ‘प्रो इंडिया’ कैंडिडेट्स के लिए चुनाव प्रचार कर रहा था। इस समूह ने 40 सीटों के लिए चुनाव प्रचार किया जिनमें से अधिकतर उम्मीदवार कंजरवेटिव पार्टी से थे।

लेबर पार्टी का ऐंटी इंडिया रुख
बीजेपी यूके के प्रेजिडेंट कुलदीप सिंह शेखावत ने कहा, ‘एशिया के ज्यादातर मूल निवासियों ने इस बार कंजरवेटिव पार्टी का रुख किया है और इसमें सिख और मुसलमान भी शामिल हैं।’ राजनीतिक विश्लेषक कपिल दुदाकिया का कहना है, ”कुछ भारतीय समुदाय के लोग लिब डेम्स के साथ गए हैं लेकिन अब भी बहुत सारे लोग टोरी की पार्टी यानी कंजरवेटिव पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सारे हिंदुओं का टोरी की तरफ रुख इसलिए हो गया क्योंकि लेबर पार्टी ने ऐंटी इंडिया दांव चला था। उनका दावा यह भी है कि बड़ी संख्या में पाकिस्तान के प्रवासी सिख और मुसलमान लेबर पार्टी के ही साथ हैं।

डॉ. रकीब जो कि एक राजनीतिक रिसर्चर हैं, ने माना है कि फिलस्तीन और कश्मीर के मामले की वजह से पाकिस्तान के प्रवासी सिख और मुसलमान लेबर पार्टी के साथ ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि पंजाबी सिख कंजरवेटिव पार्टी को वोट करेंगे। बचे कुचे ब्रिटिश इंडियन लिब डेम्स की ओर जा सकते हैं।’ ब्रिटेन के आम चुनाव में इस बार कई भारतीय मूल के निवासी दौड़ में हैं। इसमें कंजरवेटिव पार्टी से 25, लेबर से 13, ब्रेग्जिट पार्टी से 12 और लिब डेम्स से 8 उम्मीदवार हैं।

भारत का समर्थन करते हैं
शेखावत ने कहा, ‘कंजरवेटिव पार्टी ने भारत के मूल निवासियों पर ज्यादा ध्यान दिया और अपने घोषणा पत्र में प्रो इंडिया वादे किए। वहीं लेबर पार्टी ने ऐसे दावे किए जो कि भारत के खिलाफ हैं। बोरिस भारत का समर्थन करते हैं और अगर वह जीतते हैं तो हो सकता है कि वह सबसे पहले नई दिल्ली आएंगे।’ ब्रिटिश-इंडियन्स के वोट आगरा में जन्मे आलोक शर्मा की भी मदद करेंगे जो कि कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह ऐसे शख्स थे जिन्होंने ब्रिटिश संसद में कश्मीर के मामले को लेकर मजबूती से भारत का पक्ष लिया था।

चुनाव प्रचार के लिए हिंदी गीत
गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के मुताबिक ब्रिटेन की कुल जनसंख्या 6 करोड़ थी जिसमें 2.5 फीसदी भारतीय हैं। वहां की राजनीतिक पार्टियों ने भारतीयों को लुभाने के लिए चुनाव प्रचार किए। कंजरवेटिव पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए एक हिंदी गीत भी बनाया था जो कि काफी वायरल हुआ। बोरिस जॉनसन कई बार मंदिर और गुरुद्वारे जाते भी दिखाई दिए हैं।

Source: International

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