
बेंगलुरू में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार (134 रन का बचाव करते हुए), दिल्ली में बांग्लादेश के खिलाफ (148 रन का बचाव करते हुए) और तिरुवनंतपुरम (170 का बचाव करते हुए) में टीम इंडिया लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी।
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रोहित ने कहा, ‘यदि आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हैं, तो आपको अच्छे से पता रहता है कि आपको क्या करना है। चाहे वह 200 या 150 हो, आपको लक्ष्य पता है और आप जानते हैं कि किस गति से बल्लेबाजी करनी है। आपको एक ओवर के लिए कितने रन बनाने हैं लेकिन जब आप पहले बल्लेबाजी कर रहे हों तो सबसे पहले एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना चाहते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘एक ही समय में आपको यह भी याद रखना होगा कि आप सेट बल्लेबाज हैं और आपको अपना विकेट नहीं जल्दी में नहीं गंवाना चाहिए।’ दूसरे टी20 में भारत के हारने का एक बड़ा कारण यह भी था कि टीम के बल्लेबाज अंतिम 10 ओवरों में केवल 77 रन ही जोड़ सके।
सीमित ओवरों के फॉर्मेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार रोहित ने कहा, ‘जब आप पहले बल्लेबाजी करते हैं तो बहुत सारी चीजें दिमाग में चल रही होती हैं। जब आप लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी को उतरते हैं तो यह एक अलग ही तरह का बॉल गेम हो जाता है। यदि आप गेंद को अच्छी तरह से हिट कर रहे हैं, तो आप इसे जारी रखना चाहते हैं और अधिक से अधिक रन बनाना चाहते हैं।’
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रोहित ने कहा, ‘जब आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हैं तो आपके सामने एक लक्ष्य है। आपको पता है कि आपको कैसे बल्लेबाजी करने की जरूरत है। पार्टनरशिप और बाकी सब, आप जानते हो। मैं इसे ऐसे ही देखता हूं।’
भारत ने दूसरे टी20 में 7 विकेट पर 170 रन बनाए जिसके बाद वेस्ट इंडीज ने 18.3 ओवर में 2 विकेट खोकर ही लक्ष्य हासिल कर लिया। जिस पिच पर भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते दिख रहे थे, वहीं मेहमान टीम के बल्लेबाज आराम से खेलते नजर आए और ओपनर लेंडल सिमंस ने 67 रन की नाबाद पारी खेली। हालांकि भारत के लिए भी ऑलराउंडर शिवम दुबे ने 54 रन की अर्धशतकीय पारी खेली।
Source: Sports

