अयोध्या: पीस पार्टी ने दाखिल की रिव्यू पिटिशन

नई दिल्ली
अयोध्या फैसले के खिलाफ पीस पार्टी ने आज सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के 9 नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करेगी। इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से भी रिव्यू पिटिशन दाखिल की जा चुकी है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का ऐलान किया है।

1949 तक विवादित स्थल पर मुस्लिमों का अधिकार
पीस पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि 1949 तक विवादित स्थल पर मुस्लिमों का अधिकार था। 1949 तक सेंटल डोम के नीचे नमाज़ अदा की गई थी और कोई भी भगवान की मूर्ति डोम के नीचे तब तक नही थी। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट में भी इस बात के साक्ष्य नही की मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई। 1885 में बाहरी अहाते में राम चबूतरे पर हिन्दू पूजा करते थे आंतरिक हिस्सा मुसलमानों के पास था।

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जमीयत ने याचिका में कोर्ट की टिप्पणी को भी बनाया आधार
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से दाखिल याचिका में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र किया गया। जमीयत ने याचिका में कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए मस्जिद ढहाने का जिक्र याचिका में किया गया है। याचिका में कहा गया, ‘माननीय अदालत ने अपने फैसले में मस्जिद ढहाए जाने को दोषपूर्ण कृत्य करार दिया था। इसके बावजूद फैसला पूरी तरह से हिंदू पक्षकारों की ओर गया है।’

पढ़ें : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी दाखिल करेगा रिव्यू पिटिशन
इससे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का ऐलान किया है। बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दिसंबर के पहले हफ्ते में हम बाबरी मस्जिद केस में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने जा रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के अर्जी न दाखिल करने के फैसले का कानूनी तौर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’

Source: National

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