
एजीएम में मौजूद एक सदस्य ने कहा, ‘बोर्ड ने गैर अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैच के दिनों के लिए मेजबानी शुल्क के रूप में टोकन राशि एक लाख रुपये प्रतिदिन निर्धारित की है। हमने इसमें संशोधन करने के लिए कहा और जिन दिनों मैच न हो उनके लिए भी शुल्क का प्रस्ताव रखा ताकि टीम के अभ्यास सत्र से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं और यात्रा से जुड़ी लागत की भरपाई हो सके।’
पढ़ें,
वर्तमान घरेलू सत्र के शुरू होने पर 17 स्कोररों को अनिवार्य रिटायर कर दिया गया जबकि उन्हें पूर्व में इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी। सदस्य ने कहा, ‘इस बारे में बीसीसीआई ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी जिससे वे अधर में लटक गए क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा था। हम चाहते हैं कि बोर्ड कम से कम इस सत्र के लिए इस फैसले पर पुनर्विचार करे ताकि वे अपने भविष्य के लिए योजना बना सकें।’
Source: Sports

