रेसलिंग: ओलिंपिक में नए रूप में दिखेंगे बजरंग पूनिया

नई दिल्लीअपने विरोधियों को परोक्ष चेतावनी देते हुए ने कहा कि कुश्ती जगत तोक्यो में उन्हें नए रूप में देखेगा। बजरंग तोक्यो ओलिंपिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में से एक हैं। ‘लेग डिफेंस’ उनकी कमजोरी रहा है और उनके विरोधियों ने इसका फायदा हमेशा उठाया है। कई विशेषज्ञों को मानना है कि ओलिंपिक में यह कमजोरी उन पर भारी पड़ सकती है। इस कमजोरी के बावजूद वह 2018 में 65 किलो वर्ग में दुनिया के नंबर एक पहलवान बने।

उन्होंने कहा,‘मेरे कोच का कहना है कि दोबारा मैट पर उतरने पर मुझे अपने विरोधी को चौंकाने का शऊर आना चाहिए। मैं बताऊंगा नहीं कि क्या कर रहा हूं लेकिन तोक्यो में मैट पर आपको एक नया बजरंग देखने को मिलेगा।’ उन्होंने कहा,‘लोग कहेंगे कि बजरंग का खेल बिल्कुल बदल गया है। चाहे तकनीक हो, दम खम या शैली, सभी पर मैंने काम किया है।’

बजरंग ने यहां खेल रत्न पुरस्कार लेने के बाद यह बात कही। वह विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी में व्यस्त होने के कारण पुरस्कार समारोह में नहीं आ सके थे। उन्होंने कहा,‘मैं कुछ समय मैट पर अभ्यास नहीं कर रहा था। मेरी चोट का दर्द कम नहीं हो रहा था और डाक्टरों का कहना था कि इससे पूरी तरह उबरना होगा वरना कुछ गंभीर समस्या हो जाएगी। मेरे पास आराम का समय था क्योंकि ओलिंपिक के आसपास जोखिम नहीं ले सकता था। मैने शारीरिक अभ्यास पर फोकस रखा, मैट अभ्यास पर नहीं।’

बजरंग ने कहा,‘नए सत्र में मेरा पहला टूर्नमेंट जनवरी में होगा। इटली के बाद एशियाई चैम्पियनशिप है और एक रैंकिंग सीरिज टूर्नमेंट है। अभी शेड्यूल तय नहीं हुआ है।’

Source: Sports

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