संविधान दिवस: संसद में प्रोग्राम से शिवसेना रहेगी दूर

नई दिल्ली
संविधान दिवस के मौके पर होने वाली संयुक्त बैठक का शिवसेना बहिष्कार करेगी। इस बारे में सोमवार रात को जानकारी सामने आई। इससे पहले मुंबई में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साझा कार्यक्रम करते हुए विधायकों का दम दिखाया और उन्हें गठबंधन में साथ रहने की शपथ भी दिलाई।

कांग्रेस व अन्य दल भी कर सकते हैं बहिष्कार
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल भी संविधान दिवस के मौके पर मंगलवार को होने जा रही संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में शामिल नहीं होने के बारे में विचार कर रहे हैं।

एक सूत्र ने बताया कि विपक्षी दलों की योजना है कि इस बैठक का बहिष्कार कर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया जाए। सरकार ने संविधान सभा द्वारा संविधान का अनुमोदन किए जाने की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर सेंट्रल हाल में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाई है।

पीएम कर सकते हैं संबोधित
संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित होने वाले संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर सकते हैं। इस मौके पर नैशनल यूथ पार्लियामेंट स्कीम का वेब पोर्टल भी लांच होगा।

70 साल पहले 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को अपनाया गया था। बाद में 26 जनवरी 1950 को इसे देश में लागू किया गया। 11 अक्टूबर, 2015 को मुंबई में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

संविधान दिवस आयोजन के पीछे मकसद है कि जनता में इसको लेकर जागरूकता फैलाने और डॉ. अंबेडकर के योगदान से सभी को परिचित करवाया जाए। कार्यक्रम सुबह दस बजे से शुरू होकर यह विशेष सत्र एक बजे तक चलेगा। इसमें पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री भी भाग ले सकते हैं।

Source: National

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