26/11 के 'बहादुर' की रनिंग के दौरान मौत

मुंबई
के इन्स्पेक्टर ने हमले के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गुरुवार को हार्ट अटैक के चलते उनकी मौत हो गई। बताया गया कि वह जनवरी 2020 में होने वाली की तैयार कर रहे थे। 43 साल के नितिन सुबह मरीन ड्राइव कै पास दौड़ रही रहे थे कि अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह वहीं गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया। पोस्टमॉर्टम के बाद उनका शव उनके परिवार को सौंप दिया गया।

नितिन काकड़े के परिवार में बीवी के अलावा तीन बच्चे भी हैं। वीरता पुरस्कार से सम्मानित नितिन काकड़े इससे पहले पांच बार मुंबई मैराथन में हिस्सा ले चुके थे। उनके एक बैचमेट ने बताया कि मैराथन की तैयारी के लिए नितिन रोज लंबी दौड़ लगाते थे और वह पूरी तरह फिट भी थे।

26/11 के हमले के दौरान पुलिस ऐक्शन में शामिल थे नितिन काकड़े
मूलत: पुणे के रहने वाले काकड़े ने 2005 में पुलिस जॉइन की थी, उस समय वह सब-इन्स्पेक्टर बने थे। अपनी पहली ही पोस्टिंग में वह कोलाबा पुलिस स्टेशन पर तैनात हुए। ताज महल होटेल पर हुए हमले के दौरान वह भी ऑपरेशन में शामिल हुए। इसके बाद उन्हें ऐंटी करप्शन ब्यूरो और कुछ और थानों में काम किया। फिलहाल वह डीसीपी (जोन 2) राजीव जैन के रीडर के तौर पर तैनात थे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन में धावकों की ऐसे हादसों में मौत के कई मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों ने इसके पीछे का कारण बताया है कि आमतौर पर मेडिकल चेकअप ना करवाए जाने के कारण हृदय संबंधी बीमारियों का पता नहीं चल पाता है और दौड़ने वाले लोगों या ऐथलीट्स को ज्यादा वर्कलोड के कारण हार्ट अटैक आने के चांस बढ़ जाते हैं। ठीक इसी प्रकार अक्टूबर महीने में 49 साल के सुरेश पवाड़े की भी आईआईटी-बॉम्बे हाफ मैराथन के दौर मौत हो गई थी।

Source: National

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