ईडन गार्डन्स में आज पिंक टेस्ट, बल्लेबाजों की होगी नई परीक्षा

कोलकाताभारत और बांग्लादेश की क्रिकेट टीमें आज (शुक्रवार) से सीरीज के दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में आमने-सामने होंगी। यह मैच ऐतिहासिक होगा क्योंकि देश में पहली बार डे-नाइट फॉर्मेट में पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेला जाएगा। भारत और बांग्लादेश की टीमें भी अपना पहला पिंक बॉल टेस्ट मैच खेलेंगी। खेल का शुरुआती एक घंटा और पहला सेशन काफी अहम रहने वाला है। माना जाता है कि पिंक बॉल गेंदबाजों के लिए मददगार होती है और कैप्टन कोहली ने भी गुरुवार को यह कबूल किया था। इस लिहाज से टॉस की अहमियत भी काफी ज्यादा रहेगी।

ड्यू फैक्टर की वजह से आखिरी सेशन भी अहम
कैप्टन कोहली के मुताबिक मैच का पहला घंटा और पहला सेशन तो महत्वपूर्ण होगा ही, आखिरी सेशन भी काफी अहम रहने वाला है। इसकी वजह है ओस। ओस की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, ‘देर वाले सत्र में ओस की भूमिका होगी। हम उस समय देखेंगे कि कैसे निपटना है। भारत में और दूसरे देश में दिन-रात का टेस्ट खेलने में यही फर्क है। इसके अलावा कोई फर्क नहीं दिखता। इसमें हमें फैसले अधिक सटीक लेने होंगे और कहीं कोई कोताही की गुंजाइश नहीं होगी।’


ईडन पर इतिहास
भारतीय क्रिकेट की कई यादें कोलकाता के ईडन गार्डन्स से कई ऐतिहासिक यादें जुड़ीं हुईं हैं। इसी मैदान पर इंग्लैंड के बाहर पहली बार किसी वर्ल्ड कप का फाइनल खेला गया। 1999 में यहीं भारत-पाकिस्तान के बीच एशियन टेस्ट चैंपियनशिप का मैच हुआ। बैन के बाद इंटरनैशनल क्रिकेट में वापसी पर 1991 में साउथ अफ्रीका ने यहीं अपना पहला मैच खेला और 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी ग्राउंड पर भारत ने फॉलोऑन के बाद एक बेमिसाल जीत दर्ज की। आज से इसमें एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, क्योंकि 1932 में टेस्ट दर्जा मिलने के बाद अपने नौवें दशक में टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट खेलने के लिए ईडन गार्डन्स पर उतरेगी।

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इंदौर में 3 दिन में जीता था भारतभारतीय टीम इंदौर में महज 3 दिनों के अंदर पारी के अंतर से विशाल जीत के साथ 1-0 की अपराजेय बढ़त बनाए हुए है और उसकी मंशा बांग्ला टीम का क्लीन स्वीप करने की है, लेकिन इस मैच में जीत-हार से ज्यादा दिलचस्पी गुलाबी गेंद के इर्द-गिर्द सिमट गई है। विराट सेना के साथ-साथ आम क्रिकेट प्रेमी भी उत्सुक और रोमांचित हैं, लेकिन कुछ आशंकाएं भी हैं।

अबतक बस 11दुनिया भर में टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों के बीच अबतक सिर्फ 11 डे-नाइट टेस्ट मैच ही खेले गए। 4 साल पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड के बीच पहला डे-नाइट टेस्ट खेला गया था। भारत जब पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गया था तो वहां भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के उसके सामने ऐसा टेस्ट खेलने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड इसके लिए राजी नहीं हुआ। इसकी खास वजह एसजी की गुलाबी गेंद थी जिसे सूरज ढलने के बाद देखना इतना आसान नहीं होता। उस पर अगर ओस (ड्यू) का फैक्टर हो तो गेंदबाजों की परेशानी बढ़ जाती है।

गांगुली के आने से बदला हालपूर्व कैप्टन सौरभ गांगुली के नया बोर्ड प्रेजिडेंट बनते ही भारत के इस रुख में बदलाव आया। भारत ने ना सिर्फ डे-नाइट टेस्ट खेलने पर सहमति जताई, बल्कि गांगुली ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भी काफी कम समय में इसके लिए रजामंद कर लिया। वहीं को इसके लिए हामी भरने में महज 3 सेकंड लगे। दरअसल, आईसीसी भी टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की घटती दिलचस्पी से फिक्रमंद है और वह क्रिकेट के इस पारंपरिक फॉर्मेट को बचाए रखने के नए-नए उपाय तलाश रही है।
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इंतजाम में कसर नहींपिंक बॉल के बर्ताव का ठीक-ठीक तो पता एक बार मैच शुरू होने के बाद ही लगेगा, अलबत्ता आयोजक अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ रहे। बंगाल क्रिकेट असोसिएशन (कैब) ने इस मैच को दर्शकों के लिए एक मेले की तरह बनाने के पूरे बंदोबस्त किए हैं। इनमें पिंक बॉल मस्कॉट, जानी-मानी खेल और राजनीतिक हस्तियों को मैच में न्योता देना इनमें शामिल हैं।

टक्कर में नहीं विपक्षीपिंक बॉल से इतर बात करें तो 2 टेस्ट मैच की इस सीरीज का पहला मैच भारतीय टीम जिस दबदबे के साथ जीती उसमें मेहमान बांग्लादेशी टीम कहीं से मुकाबले में नहीं दिखी थी। मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और उमेश यादव की पेसर्स तिकड़ी के आगे बांग्ला बल्लेबाज ढेर हो गए और दोनों पारियों में क्रमश: 150 और 213 का स्कोर ही खड़ा कर पाई थी। वहीं बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल शानदार फॉर्म में हैं। तेज गेंदबाजों ने इंदौर में 14 विकेट लिए थे और वे यहां भी इस प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे।

टीम (संभावित प्लेइंग- XI)
भारत- विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जडेजा, ऋद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और उमेश यादव।

बांग्लादेश– (कप्तान), शादमान इस्लाम, इमरूल कायेस, मुशफिकुर रहीम, महमदुल्लाह, लिटन दास (विकेटकीपर), मोहम्मद मिथुन, मेहदी हसन, इबादत हुसैन, अबु जायेद और मुस्ताफिजुर रहमान।

Source: Sports

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